Delhi Police Action: दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन चक्र-2’, 72 घंटे में 46 ऑटो लिफ्टर गिरफ्तार, 185 वाहन बरामद

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिले में चलाए गए 72 घंटे के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन चक्र-2’ के दौरान पुलिस ने चोरी के 185 वाहन बरामद किए हैं. इनमें 117 स्कूटी, 66 मोटरसाइकिल, एक थ्री-व्हीलर व दो फोर-व्हीलर शामिल हैं. पुलिस ने इस मामले में 46 ऑटो-लिफ्टरों को गिरफ्तार किया है. ये अभियान 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर के बीच चलाया गया.

पश्चिमी जिले के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी ने मंगलवार दोपहर दिल्ली पुलिस मुख्यालय में अभियान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के लिए जिले के 12 पुलिस थानों से दो-दो डेडिकेटेड टीमों समेत कुल 30 टीमों का गठन किया गया था. इनमें स्पेशल स्टाफ, एंटी-नारकोटिक्स व अन्य ऑपरेशनल टीमें भी शामिल थीं. टीमों ने ह्यूमन इंटेलिजेंस विकसित करने के साथ चोरी की घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया. उसके आधार पर आरोपियों की पहचान की.

बरामद 185 वाहनों में 91 वाहन पश्चिमी जिले से चोरी हुए थे, जबकि 94 वाहन दिल्ली के दूसरे जिलों से चोरी किए गए थे. पुलिस ने दिल्ली के बाहर से भी कुछ वाहन बरामद किए हैं, जिनमें सोनीपत से बरामद वाहन भी शामिल हैं. दूसरे जिलों से बरामद वाहनों की जानकारी संबंधित पुलिस इकाइयों को दे दी गई है. डीसीपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में कई ऐसे हैं, जिनके खिलाफ पहले से बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हैं. इसमें सुमित के खिलाफ 38, दिनेश उर्फ लल्लू के खिलाफ 33, सुधीर उर्फ सोनू के खिलाफ 30, कासिम उर्फ वसीम के खिलाफ 28, जतिन उर्फ भोखला के खिलाफ 23 व अक्षय के खिलाफ 20 मुकदमे दर्ज हैं. इनमें ज्यादातर मामले वाहन चोरी से जुड़े हैं, हालांकि कुछ आरोपियों पर चोरी, स्नैचिंग व लूट जैसे अन्य अपराधों के मामले भी दर्ज हैं.

पुलिस के मुताबिक, चोरी के वाहनों के पीछे आरोपियों के अलग-अलग मकसद सामने आए हैं. कुछ आरोपियों ने अपराध के बाद वाहनों को सुनसान जगहों पर पार्क कर दिया था. कुछ ने उन्हें बेच दिया, जबकि कुछ वाहन पेट्रोल खत्म होने के बाद छोड़ दिए गए. पुलिस को ऐसे मामले भी मिले, जिनमें कम उम्र के युवकों ने महज ‘फन राइड’ के लिए वाहन चोरी किए और दूसरे इलाके में जाकर छोड़ दिए. एक मामले में विकासपुरी पुलिस की तरफ से पकड़े गए एक आरोपी से पूछताछ के बाद पांच और चोरी के वाहन बरामद हुए. आरोपी ने अपराध के बाद इन वाहनों को अलग-अलग जगहों पर खड़ा कर रखा था.

डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार 46 आरोपियों में कोई रिसीवर शामिल नहीं है, हालांकि कुछ चोरी के वाहन रिसीवरों से बरामद हुए हैं और उनके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल 46 आरोपियों के बीच किसी बड़े गिरोह की कड़ी या कोई साझा नेटवर्क सामने नहीं आया है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर चोरी के वाहनों की और बरामदगी की कोशिश जारी है.

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