नई दिल्ली – उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत रेलवे को चालू वित्त वर्ष में अब तक करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मकसद न सिर्फ आय बढ़ाना है, बल्कि यात्रियों में टिकट लेकर यात्रा करने की आदत को मजबूत करना भी है।
रेलवे आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से दिसंबर के बीच बिना टिकट और अनियमित यात्रा से जुड़े कुल 4.35 लाख मामले पकड़े गए। इन मामलों में यात्रियों से वसूले गए जुर्माने के जरिए 31.88 करोड़ रुपये की राशि रेलवे को मिली है। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी मानी जा रही है।
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में दिल्ली मंडल में 3.66 लाख ऐसे मामले सामने आए थे, जिनसे 27.08 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ था। इस तरह मामलों की संख्या और आय दोनों में करीब 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष जांच अभियान टिकट चेकिंग स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार चलाया जा रहा है। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा, प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत प्रवेश, बिना बुकिंग सामान ले जाने और फर्जी या अनियमित टिकटों के मामलों पर कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि बिना टिकट यात्रा न केवल रेलवे को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि ईमानदारी से टिकट खरीदकर सफर करने वाले यात्रियों के अधिकारों पर भी असर डालती है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और हमेशा वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें, ताकि सुरक्षित और सुगम रेल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
