नई दिल्ली : दिल्ली के लोकायुक्त जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा का गुरुवार को निधन हो गया. उनके निधन से दिल्ली के प्रशासनिक, विधिक और न्यायिक हलकों में भारी शोक की लहर दौड़ गई है. लोकायुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा ने 3 सितंबर को अपनी अंतिम सांस ली. उनके निधन का समाचार मिलते ही विधि और न्याय क्षेत्र से जुड़े तमाम दिग्गजों, वरिष्ठ वकीलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है.
लोधी श्मशान घाट पर होगा अंतिम संस्कार: दिवंगत जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा का अंतिम संस्कार शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित लोधी श्मशान घाट पर संपन्न होगा. उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए परिवारजनों, सहपाठियों, न्यायपालिका से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और शुभचिंतकों के बड़ी संख्या में उपस्थित रहने की संभावना है. हरीश चंद्र मिश्रा का पूरा जीवन न्यायिक सुधारों और जनहित के मामलों के लिए समर्पित रहा. अपने लंबे और यशस्वी कार्यकाल के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख और निष्पक्ष फैसलों से आम जनता का लोक संस्थाओं के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत किया.
मार्च 2022 से दिल्ली के लोकायुक्त थे जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा : जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा मार्च 2022 से दिल्ली के लोकायुक्त थे. वर्ष 2000 में वे झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए. उन्होंने रांची में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के रूप में चारा घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई की थी. अप्रैल 2011 में उन्हें झारखंड उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश और 2013 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया. उन्होंने 30 अगस्त, 2019 से 16 नवंबर, 2019 तक झारखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया था.
