गाजियाबाद। गाजियाबाद में सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट की इमारतों की जर्जर हालत ने यहां रहने वाले 4 हजार लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
1298 फ्लैटों वाली सोसायटी में कई भवनों की दीवारों और कालम से प्लास्टर झड़ चुका है और सरिया बाहर दिखाई देने लगा है। फ्लैटों के बाहर बने छज्जे जर्जर होकर टूट रहे हैं।
वहीं, प्लंबिंग शाफ्ट के ऊपर बने रूफ टाप की हालत भी खराब है। निवासियों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
सोसायटी के वाटर टैंक जर्जर
अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के भवन रखरखाव समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा के अनुसार, भवनों की मरम्मत सहित कई मूलभूत कार्य लंबे समय से लंबित हैं। सोसायटी के वाटर टैंक जर्जर हैं और पानी का रिसाव हो रहा है।
केबल नीचे गिरने की आशंका
बताया कि बेसमेंट में लगी केबल प्लेट्स भी कमजोर हो चुकी हैं। इनके धंसने से केबल नीचे गिरने की आशंका है। बेसमेंट की नालियां ब्लॉक हैं और उनके ऊपर लगी स्लैब भी टूट चुकी हैं। वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स के बंद होने से वर्षा जल निकासी और भूजल संरक्षण की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
छह ट्रांसफार्मर लंबित
एसोसिएशन का आरोप है कि विद्युत ढांचे का भी करीब 10 वर्षों से पर्याप्त रखरखाव नहीं हुआ है। सोसायटी में 24 ट्रांसफार्मर प्रस्तावित थे, लेकिन अभी 18 ही लगाए गए हैं। छह ट्रांसफार्मर लंबित हैं। विद्युत ढांचा यूपीपीसीएल को हैंडओवर भी नहीं हो सका है।
एसोसिएशन ने अपने स्तर पर विद्युत ढांचे की मरम्मत में करीब 10 लाख रुपये खर्च किए हैं। अध्यक्ष ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर एसोसिएशन ने विधान परिषद की प्रशासकीय विलंब समिति में शिकायत की है।
इस मामले की सुनवाई 25 अगस्त यानी आज लखनऊ स्थित विधान परिषद परिसर में होगी। इसमें आवास विकास परिषद और एसोसिएशन के प्रतिनिधि अपना पक्ष रखेंगे। एसोसिएशन को उम्मीद है कि सुनवाई के बाद लंबित कार्यों के लिए समय-सीमा तय कराकर जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाएगी।
