
साहिबाबाद। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की सात टीमों ने मंगलवार को लोनी में वायु प्रदूषण फैलाने वालीं अवैध फैक्ट्रियों पर छापेमारी की। इससे फैक्ट्री संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में कुल 25 फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काटने और सीलिंग करने की कार्रवाई की। हालांकि लोनी जैसे प्रदूषित क्षेत्र के लिए यह कार्रवाई बहुत कम है। क्योंकि यहां हजारों अवैध फैक्ट्रियां संचालित होती हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की टीमों ने जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर लोनी के कृष्णा विहार फेज-वन व टू, हाजी बेहदा, लक्ष्मी नगर, सेवाधाम, मंडावली रोड, प्रेम नगर वार्ड-35 ने सुबह 10:30 बजे से ही छापेमारी शुरू कर दी थी। यहां बड़ी संख्या में ऐसी फैक्ट्रियां संचालित मिलीं, जिनमें लोहे की ढलाई, गलाई आदि का कार्य कर वायु प्रदूषण बढ़ाया जा रहा था।
प्रदूषण फैलाने वालीं जो भी फैक्ट्रियां मौके पर संचालित मिलीं उनके बिजली कनेक्शन काटे गए। साथ ही सीलिंग की कार्रवाई भी की गई। बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्रियों को बंद करके भाग गए। अधिकारियों ने बताया कि इन अवैध फैक्ट्रियों के माध्यम से वायु प्रदूषण फैलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। इनसे निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर सीधे असर डालता है। लोनी में आए दिन अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।
इन पर की गई कार्रवाई
लोनी के विभिन्न क्षेत्रों में गणेश इंजीनियरिंग, बबली देवी, असरफ आलम, विकास गुप्ता, अशरफ, कलाम, शमीम खान, नवल किशोर, ममता देवी, ममता कश्यप, मानव जैन, ब्रिजपाल, अनूप कुमार, जगपाल सिंह आदि की फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटने और सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि मानकों का पालन नहीं करने तक फिर से बिजली कनेक्शन नहीं जोड़े जाएंगे और न ही सील खोली जाएगी।
लोनी देश ही नहीं विश्व में रहता है सबसे प्रदूषित
लोनी क्षेत्र में हजारों अवैध फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। यह क्षेत्र केवल देश में ही नहीं बल्कि विश्व में भी आए दिन सबसे प्रदूषित रहता है। स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी की कंपनी आइक्यू एयर की वर्ष 2025 की रिपोर्ट में लोनी विश्व में सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा है। यहां का पीएम 2.5 का औसत 112.5 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। इस रिपोर्ट ने जिला प्रशासन और प्रदूषण बोर्ड की कार्यशैली व दावों पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि यह पहली बार नहीं है, ऐसी तमाम रिपोर्ट के आंकड़ों में लोनी देश और विश्व में सबसे प्रदूषित रहा है।
सीएक्यूएम की टीम ने यूपीपीसीबी और प्रशासन के साथ मिलकर अवैध फैक्ट्री पर कार्रवाई की है। करीब 25 फैक्ट्रियों के कनेक्शन काटने और सीलिंग की कार्रवाई की गई है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। – अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
