नोएडा/गाजियाबाद- उत्तर प्रदेश में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और नए मंदिर स्थापना समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे। इस अवसर पर प्रसन्न सागर महाराज ने मुख्यमंत्री को पहले लौंग की माला पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें कमंडल भेंट किया। समारोह के दौरान महाराज ने दो नई पुस्तकों का भी विमोचन किया।
प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा सन्यासी और धर्माचार्यों का आदर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ की प्रतिबद्धता और जुनून के कारण अयोध्या में वह कार्य संभव हुआ, जो लंबे समय से अधूरा पड़ा था। महाराज ने कहा कि बनारस में धर्म की अमूल्य धारा बह रही है और अब सबकी नजर मथुरा पर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय संस्कृति का संदेश है – “जियो और जीने दो।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत णमोकार मंत्र से की और समारोह में अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस गुफा वाले मंदिर का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सीएम ने याद दिलाया कि तीन दिन पहले अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भव्य निर्माण और भगवा ध्वजारोहण का ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसे पूरी दुनिया ने देखा।
सीएम योगी ने कहा,
“भारत की परंपरा हमारे ऋषियों, संतो और मुनियों की महागाथा है, जो सदियों से मानवता के लिए प्रेरणा रही है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ और भगवा ध्वजारोहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से संपन्न हुआ। प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव का स्मरण सभी श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा भाव से करते हैं। काशी में चार जैन तीर्थंकरों के अवतरण की घटना का भी संसार ने साक्षी बनाया है।”
इस तरह, समारोह में धार्मिक भव्यता और सांस्कृतिक महत्व के साथ आस्था और श्रद्धा का समागम देखने को मिला।

