Bhim Army Chief चंद्रशेखर पर हमला करने वालों की कार बरामद, 4 संदिग्ध हिरासत में

Rohit Kumar
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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने हमलावरों की कार बरामद कर ली है. चार संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.

सहारनपुर के देवबंद थाने में भीम आर्मी के पदाधिकारी और चंद्र शेखर के साथी मनीष कुमार की शिकायत पर FIR दर्ज की गई. दर्ज केस में हत्या के प्रयास के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया है. हमलावर जिस स्विफ्ट कार से आए थे, उसका नंबर एचआर 70 डी 0278 बताया जा रहा है.

एक दिन पहले (28 जून) ही सहारनपुर के देवबंद पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर फायरिंग की गई थी. इस जानलेवा हमले में चंद्रशेखर घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए देवबंद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

चंद्रशेखर अपनी फॉर्चूनर कार से देवबंद दौरे पर पहुंचे थे. तभी अचानक उनकी गाड़ी पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी थी. गोली उन्हें छूकर निकल गई थी, जिससे वह घायल हो गए थे. उनकी कार पर भी गोलियों के निशान देखे गए थे.

हमलावर हरियाणा नंबर की कार में आए थे. गोली चंद्रशेखर की पीठ को छूकर निकली थी. हालांकि, उनकी हालत खतरे से बाहर है. फायरिंग में उनकी कार के शीशे भी टूट गए थे. हमलावरों की पहचान करने के लिए पुलिस लगातार आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी.

जिस समय हमला हुआ, चंद्रशेखर दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे. इस दौरान बीच रास्ते में देवबंद में उनके काफिले पर हमला हो गया था. पीछे से आई हरियाणा नंबर की गाड़ी में सवार हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. कुल चार राउंड फायरिंग हुई थी.

भीम आर्मी चीफ ने हमले के बाद एजेंसी से कहा था, ‘मुझे ठीक से याद नहीं है, लेकिन मेरे लोगों ने उन्हें पहचान लिया. उनकी कार सहारनपुर की ओर चली गई. हमने यू-टर्न ले लिया. घटना के वक्त मेरे छोटे भाई समेत हम पांच लोग कार में थे.’

सूत्रों के मुताबिक हमलावरों की गाड़ी का नंबर भी सामने आ गया था. बताया गया कि हमलावर सफेद रंग की छोटी कार से आए थे. वहीं जिस गाड़ी का नंबर बताया गया था, वह स्विफ्ट डिजाइर है.

कौन हैं चंद्रशेखर आजाद?

चंद्रशेखर आजाद वकील और दलित-बहुजन अधिकार कार्यकर्ता व राजनेता हैं. वह एक अम्बेडकरवादी हैं, जो भीम आर्मी के सह-संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. फरवरी 2021 में, टाइम पत्रिका ने उन्हें 100 उभरते नेताओं की अपनी वार्षिक सूची में शामिल किया था. चंद्रशेखर आजाद का जन्म 3 दिसंबर 1986 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के छुटमुलपुर कस्बे में हुआ था.

चंद्रशेखर आजाद, सतीश कुमार और विनय रतन सिंह ने 2014 में भीम आर्मी की स्थापना की थी. यह संगठन भारत में शिक्षा के माध्यम से दलितों की मुक्ति के लिए काम करता है. 2019 में, उन्होंने मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने सपा/बसपा गठबंधन को समर्थन देते हुए हाथ खींच लिया. आजाद ने खुद को दलित आइकन के रूप में स्थापित किया है.

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