गाजियाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रविवार को शांति नगर में एक ही परिसर में संचालित दो टोफू फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया तो यहां पर गंदगी मिली। जिस ड्रम में टोफू रखा जाता है, उसमें रखा पानी भी साफ नहीं था। टोफू को तैयार करने में नॉन फूड ग्रेड का एसिटिक एसिड इस्तेमाल किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दस्तावेजों की जांच की तो पता चला की फैक्ट्री संचालकों के पास टोफू बनाने का लाइसेंस था, लेकिन टोफू की पैकेजिंग का कार्य गलत तरीके से किया जा रहा था। पैकेजिंग के वक्ति नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, न ही खाद्य पदार्थ के बारे में जानकारी पैकेट पर अंकित की जा रही थी।
टोफू को तैयार करने के लिए नॉन फूड ग्रेड के एसिटिक एसिड का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो कि नियम के तहत गलत है। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि मैसर्स बीएमआर सोया फूड एंड प्रोडक्ट एवं बालाजी सोया फूड एंड प्रोडक्ट के नाम से दोनों फैक्टरियों का संचालन किया जा रहा है।
औचक निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर 62 किलो टोफू जब्त किया गया है। जांच के लिए टोफू को तैयार करने में इस्तेमाल किए जा रहे एसिटिक एसिड के दो नमूने लिए गए हैं।
51 लीटर एसिटिक एसिड को जब्त किया गया है। दोनों खाद्य कारोबार कर्ताओं को अस्वच्छ कर एवं अस्वस्थकर परिस्थितियों में विनिर्माण के लिए सुधार नोटिस दिए जाएंगे, जिसका अनुपालन न करने पर
लाइसेंस का निलंबन किया जाएगा।
क्या होता है टोफू?
टोफू सोयाबीन के दूध से बनने वाला एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। इसे साेया पनीर भी कहा जाता है। यह दिखने में बिल्कुल पनीर जैसा सफेद ठोस टुकड़ा होता है। यह पूरी तरह से डेयरी मुक्त खाद्य पदार्थ होता है। टोफू में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है। इसमें फैट और कैलोरी कम होती है। यह हल्का और आसानी से पचने वाला होता है।
