गाजियाबाद। बेशक प्रदेश सरकार जीरो टोलरेंस की बात करती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही इन दावों की सेहत खराब कर रहे हैं। ताजा मामला डूंडाहेड़ा स्थित संयुक्त अस्पताल का है। अस्पताल के सीएमएस डा.अतुल आनंद पर चिकित्सकों ने वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) को बढ़िया लिखने के एवज में पैसे मांगने का लिखित आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार कुछ चिकित्सकों ने एसीआर खराब लिखने और प्रमोशन प्रभावित होने के डर से पैसे दे भी दिए हैं। कुछ ने पैसे नहीं दिए तो उनकी एसीआर खराब कर दी गई। प्रदेश में पहली बार किसी अस्पताल के सीएमएस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सभी चिकित्सकों ने सामूहिक रूप से शासन को लिखित शिकायत भेजकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छत्रपाल सिंह गंगवार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की संस्तुति की
इतना ही नहीं बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की संस्तुति की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने मेरठ मंडल के अपर निदेशक की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर दी है। चिकित्सकों द्वारा की गई लिखित शिकायत में सीएमएस पर आनलाइन पैसे लेने का भी आरोप लगाया है।
शासन स्तर से शिकायत के आधार पर जांच के आदेश मिले हैं। अगले तीन दिन में जांच प्रक्रिया पूरी की जायेगी। रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जायेगी। – डॉ. मनोज कुमार, अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मेरठ
एसीआर को लेकर पैसे मांगने का आरोप निराधार है। इस संबंध में की गई शिकायत एवं जांच की कोई जानकारी नहीं है। – डा.अतुल कुमार आनंद, सीएमएस 50 बेडेड संयुक्त चिकित्सालय डूंडाहेड़ा
