
गाजियाबाद। गाजियाबाद में सीवेज के नमूने में वैक्सीन डिराइव्ड पोलियोवायरस (वीडीपीवी) टाइप-1मिलने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग गंभीर होकर काम कर रहा है। 9 जून से 17 जून तक 12 क्षेत्रों में 31100 घरों का डोर-टू-डोर सर्वे के बाद शून्य से पांच साल तक के 13932 बच्चे चिन्हित किये गये।
इसी क्रम में रविवार को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बनाये गये 1636 बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। विशेष पोलियो अभियान में 7.34 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने को तीन हजार से अधिक टीम तैनात की गईं है। अभियान के प्रचार-प्रसार को लेकर शनिवार सुबह को शहर में पोलियो जागरूकता रैली निकाली गई।
जिला एमएमजी अस्पताल में इस रैली को झंडी दिखाने के बाद सीएमओ डा. सचिन चंद्र वैश्य ने कहा कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो बच्चे को जीवनभर के लिए दिव्यांग बना सकती है। समय पर पोलियो की खुराक दिलाकर इससे पूर्णतः बचाव संभव है।
जनपद के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर अभिभावक को संदेश देते हुये उन्होंने कहा कि किसी के भी घर में शून्य से पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से न छूटे।
पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
पोलियो जैसी बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिये प्रत्येक बच्चे को पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दो बूंद पिलाना अत्यन्त आवश्यक है। पल्स पोलियो अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं है, यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
रैली में 47 पीएसी बटालियन, सिविल डिफेंस डब्ल्यूएचओ एनपीएसपी व यूएनडीपी, जीरो डोज गावी के प्रतिनिधि, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के अलावा स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया।यह रैली जिला एमएमजी अस्पताल से शुरू होकर हापुड मोड होते हुये नवयुग मार्केट स्थित डा. भीमराव अम्बेकडर पार्क तक निकाली गई।
पार्क में पहुंचकर जनसामान्य को पोलियो उन्मूलन के प्रति जागरूक किया गया। सीएमएस डा. राकेश कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राकेश गुप्ता, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. जितेन्द्र सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक नरेन्द्र, एसएमओ डब्ल्यूएचओ डा. अभिषेक और डा. पवन कुमारी मौजूद रहीं।
