दो दशक बाद डीटीसी की वापसी: अब छह राज्यों के 17 शहरों तक दौड़ेंगी ई-बसें

Amit
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नई दिल्ली — दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने करीब 20 साल बाद अंतरराज्यीय बस सेवा को दोबारा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के बड़ौत तक छह ई-बसों की सेवा शुरू करने के बाद अब निगम इस योजना का विस्तार करते हुए छह राज्यों के 17 शहरों तक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने जा रहा है।

पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बसें

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत DTC कुल 100 एसी ई-बसें तैनात करेगा, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी और आधुनिक सुविधाओं से लैस रहेंगी। बसों में आरामदायक सीटिंग, जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी, पैनिक बटन और मोबाइल ऐप आधारित टिकटिंग की सुविधा दी जाएगी।

12 मीटर लंबी ये बसें दिल्ली से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शहरों तक सेवाएं देंगी। इनमें ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, अयोध्या, लखनऊ, मुरादाबाद, अलवर, बीकानेर, जयपुर, अमृतसर, पटियाला, चंडीगढ़, पानीपत और जम्मू जैसे शहर शामिल हैं।

पुरानी सेवा की वापसी, नए रूप में

DTC की अंतरराज्यीय बस सेवा पहले भी लोकप्रिय रही थी। वर्ष 2004 तक दिल्ली से विभिन्न राज्यों के शहरों के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध थीं। लेकिन सीएनजी आधारित बसों की ओर पूरी तरह रुख करने और अन्य राज्यों में सीएनजी ढांचे की कमी के चलते 2010 तक यह सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई थी।

अब इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से सेवा की दोबारा शुरुआत न केवल यात्रियों के लिए सफर को सरल और सुलभ बनाएगी, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

DTC अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को जून में हुई बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल चुकी है और बसों की खरीद प्रक्रिया के साथ-साथ विभिन्न राज्यों से समन्वय का कार्य तेज़ी से चल रहा है। नई बसों की डिलीवरी मिलते ही चरणबद्ध तरीके से रूट पर संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

जनता को मिलेगा बेहतर विकल्प

सरकार को उम्मीद है कि ई-बसों की यह नई अंतरराज्यीय सेवा यात्रियों को निजी वाहनों से हटाकर सार्वजनिक परिवहन की ओर आकर्षित करेगी। इससे न सिर्फ यातायात दबाव घटेगा, बल्कि दिल्ली और अन्य राज्यों के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को एक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मिलेगा।

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