पूर्वी दिल्ली। कल्याणपुरी में सफाई कर्मचारी अनिल की हत्या के विरोध में चल रही हड़ताल मंगलवार को आखिरकार समाप्त हो गई है। मेट्रो वेस्ट प्रबंधन द्वारा मृतक के भाई को नौकरी देने और परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने के बाद कर्मचारियों ने धरना खत्म करने का एलान कर दिया।
इसके साथ ही तीन दिन से ठप पड़ी यमुनापार की सफाई व्यवस्था अब बहाल होने की उम्मीद है और बुधवार से सड़कों पर जमा कूड़ा उठाया जाएगा।
मृतक कर्मचारी के स्वजन और सफाई कर्मचारी पिछले तीन दिनों से लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हुए थे। कर्मचारी मृतक के परिवार के लिए एक करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े थे। मंगलवार को मांगें मान लिए जाने के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला किया।
हड़ताल के चलते कल्याणपुरी, त्रिलोकपुरी, मंडावली, विनोद नगर और पांडव नगर समेत कई इलाकों में सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेर लग गए थे। कई जगहों पर कूड़ा सड़क पर फैल गया था, जिससे न केवल दुर्गंध फैल रही थी बल्कि यातायात भी प्रभावित हो रहा था।
स्थानीय लोग पिछले तीन दिनों से भारी परेशानी झेल रहे थे। अब कर्मचारियों के काम पर लौटने के फैसले से लोगों ने राहत की सांस ली है।
दो-तीन में में सड़कों से उठेगा कूड़ा
विधायक रविकांत उज्जैनवाल और शाहदरा पूर्वी जोन के चेयरमैन यशपाल कैंतुरा ने मृतक के परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। यशपाल कैंतुरा के अनुसार, बुधवार सुबह से ही विशेष अभियान चलाकर सभी प्रभावित इलाकों में कूड़ा उठाया जाएगा और सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जाएगा।
कर्मचारियों की वापसी के साथ ही पूरे यमुनापार में तेजी से कूड़ा उठान किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्थिति को सामान्य करने में एक से दो दिन का समय लग सकता है। फिलहाल, धरना समाप्त होने के बाद इलाके में हालात सामान्य होने की उम्मीद जगी है और लोगों को गंदगी से जल्द राहत मिलने की संभावना है।
सड़कों पर लगे कूडे के ढेर, बीमारियों का खतरा बढ़ा
तीन दिन कूड़ा न उठाए जाने यमुनापार की ज्यादातर सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। लक्ष्मी नगर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि कूड़े के ढेर में मच्छर और कीड़े पनप रहे हैं। ऐसे में जल्द से जल्द कूड़ा उठाया जाना चाहिए। अन्यथा लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
