Adani Power ने बेची इस कंपनी की 100 फीसद हिस्सेदारी, शेयरों पर दिखा असर

Rohit Kumar
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अडाणी पावर ने अपनी फुल सब्सिडियरी सपोर्ट प्रोपर्टीज प्राइवेट लि. में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी अडाणी कॉनेक्स प्राइवेट लि.(एसीएक्स) को 1,556.5 करोड़ रुपये के उपक्रम मूल्य पर बेच दी है। अडाणी पावर ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि प्रस्तावित सौदे से जुड़े पक्षों ने शेयर खरीद समझौता किया और सौदे को पूरा किया। इससे पहले नवंबर में अडाणी पावर ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी सपोर्ट प्रोपर्टीज में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी अडाणी कॉनेक्स प्राइवेट लि. को बेचने के लिये समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। यह सौदा 1,556.5 करोड़ रुपये का है। एसीएक्स अडाणी एंटरप्राइजेज लि.और एज का.नेक्स की संयुक्त उद्यम है। दोनों की इसमें 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह वैश्विक स्तर के डेटा सेंटर के विकास के कारोबार से जुड़ी है।

अडानी समूह को एक और झटका

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से संकट में फंसे अडानी समूह के लिए एक और बुरी खबर आई है। देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानि एनएसई और बीएसई ने समूह की दिग्गज कंपनी अडानी पावर को एक बार फिर निगरानी सूची में डाल दिया है। इससे पहले इन दोनो एक्सचेंज ने इसी हफ्ते समूह की दो कंपनियों को इस लिस्ट से बाहर किया था। दोबारा निगरानी लिस्ट में आना समूह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

एक्सचेंज ने कहा कि अडाणी पावर को बृहस्पतिवार 23 मार्च से अल्पकालिक अतिरिक्त निगरानी कदम (एएसएम) के दायरे में रखा जाएगा। शेयर बाजारों के परिपत्रों में यह जानकारी दी गई। इससे पहले एनएसई और बीएसई ने अडाणी समूह की दो कंपनियों- अडाणी ग्रीन एनर्जी और एनडीटीवी के शेयरों को सोमवार से दीर्घकालिक अतिरिक्त निगरानी कदम (एएसएम) ढांचा के पहले चरण से बाहर रखने का निर्णय लिया था। दोनों शेयर बाजारों ने अडाणी पॉवर के साथ अडाणी एंटरप्राइजेज और अडाणी विल्मर को आठ मार्च को अल्पकालिक एएसएम के तहत रखा था, हालांकि 17 मार्च को तीनों को निगरानी के दायरे से बाहर कर दिया गया था। बुधवार को अडाणी समूह की दस सूचीबद्ध कंपनियों में से आठ लाभ के साथ बंद हुए थे।

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