नई दिल्ली: पश्चिमी जिला पुलिस ने फरार और घोषित अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष 48 घंटे के अभियान ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ में बड़ी सफलता हासिल की है. 5 और 6 सितंबर को चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 81 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही पुलिस ने कुल 149 घोषित अपराधियों को ट्रेस या गिरफ्तार किया. पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ अभियान को बड़ी मजबूती मिली है.
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत 149 घोषित अपराधियों में 132 पुरुष और 17 महिलाएं शामिल हैं. इनमें से 81 को गिरफ्तार किया गया, जबकि 19 ऐसे घोषित अपराधियों का सत्यापन किया गया जिनकी मृत्यु हो चुकी थी. वहीं, 49 घोषित अपराधी पहले से ही न्यायिक हिरासत में पाए गए. अभियान के दौरान पुलिस ने घोषित अपराधियों से जुड़े 175 मामलों को भी वर्कआउट किया. इन मामलों में 28 गंभीर आपराधिक मामले, 93 गैर-गंभीर आपराधिक मामले, 15 निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट और 39 बिजली अधिनियम से संबंधित मामले शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे अपराधियों का पता लगाना था, जो अदालत की कार्रवाई से बचते हुए लंबे समय से फरार चल रहे थे.
ऑपरेशन को प्रभावी तरीके से अंजाम देने के लिए पश्चिमी जिले के सभी थानों और ऑपरेशनल यूनिट को अभियान में शामिल किया गया. कुल 61 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिनमें 191 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. इन टीमों ने घोषित अपराधियों के पते और वर्तमान ठिकानों का सत्यापन करने के साथ स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय किया. इसके अलावा तकनीकी निगरानी से मिले इनपुट के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जिला अभिषेक गुप्ता की निगरानी में अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने स्थानीय खुफिया तंत्र, मुखबिर नेटवर्क और तकनीकी इनपुट का इस्तेमाल किया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग पुलिस थानों और विशेष टीमों के बीच बेहतर समन्वय के चलते फरार घोषित अपराधियों तक पहुंच बनाई जा सकी. न्यायिक हिरासत में बंद घोषित अपराधियों का भी सत्यापन किया गया, जबकि मृत घोषित अपराधियों की जानकारी स्थानीय स्तर पर जांच और रिकॉर्ड के माध्यम से सत्यापित की गई.
पुलिस के मुताबिक, 48 घंटे के भीतर 81 घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी और कुल 149 पीओ का पता लगाया जाना अभियान की बड़ी उपलब्धि है. पश्चिमी जिला पुलिस का कहना है कि घोषित अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. अभियान का उद्देश्य अपराधियों की धरपकड़ के साथ लंबित मामलों के निस्तारण और अपराध की रोकथाम को मजबूत करना भी है.
