नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए स्नातक कोर्सों की लगभग 7,000 सीटें अब भी खाली हैं। इन रिक्त सीटों को भरने के लिए विश्वविद्यालय ने मॉप-अप राउंड की शुरुआत की है, जिसमें 21,000 से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है।
कॉलेजों ने छात्रों के आवेदनों के आधार पर 9 सितंबर से सीटों का ऑफर देना शुरू कर दिया है, जो 11 सितंबर तक जारी रहेगा। यह उन छात्रों के लिए आखिरी मौका है जो अब तक किसी कॉलेज में दाखिला नहीं ले पाए हैं।
CUET स्कोर नहीं, 12वीं के अंक बनेंगे आधार
इस विशेष राउंड में CUET स्कोर की अनिवार्यता नहीं है। दाखिले के लिए छात्रों के कक्षा 12वीं के अंकों को आधार माना जा रहा है। कॉलेज उसी के आधार पर सीट आवंटित कर रहे हैं।
डीयू प्रशासन ने इससे पहले 4 सितंबर को कोर्सवार खाली सीटों की सूची जारी की थी, जिनमें साइंस सहित कई स्ट्रीम की सीटें शामिल थीं। सबसे अधिक मौके आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए उपलब्ध हैं।
फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 13 सितंबर
डीयू के डीन ऑफ एडमिशन, प्रो. हनीत गांधी के अनुसार, 4 से 7 सितंबर तक छात्रों ने खाली सीटों के लिए आवेदन किया। अब कॉलेज अपने स्तर पर छात्रों को सीट ऑफर कर रहे हैं।
जिन छात्रों को सीट आवंटित की जाती है, उन्हें 13 सितंबर 2025 तक फीस का भुगतान कर दाखिला सुनिश्चित करना होगा। यह दाखिले का अंतिम चरण है, जिसके बाद स्नातक दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
सत्र की शुरुआत 1 अगस्त से हो चुकी है
डीयू में सत्र की शुरुआत पहले ही 1 अगस्त से हो चुकी है और नियमित कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं। विश्वविद्यालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि एक छात्र को एक से अधिक सीटों के ऑफर मिल सकते हैं, लेकिन अंतिम प्रवेश केवल एक कॉलेज और एक कोर्स में ही संभव होगा। छात्रों को उसी के अनुसार सीट स्वीकार कर समय पर फीस भरनी होगी।
