ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बीटा टू कोतवाली पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार की रात हुई सोने चांदी के आभूषण लूट का पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस का दावा है कि दो सगे भाइयों ने बहनोई का कर्ज चुकाने के लिए लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी दो सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सोने व चांदी के आभूषण बरामद
पुलिस ने इनके पास से करीब एक करोड़ 28 लाख रुपये की कीमत के सोने व चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने दो सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सभी आरोपी ग्रेजुएट है।
आभूषण से भरा बैग लेकर फरार
डीसीपी ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम ने बताया कि आगरा के एक व्यापारी का मुनीम और चालक दिल्ली से चांदी और सोने के आभूषण लेकर आगरा जा रहे थे। रविवार की शाम यमुना एक्सप्रेसवे पर कार सवार चार बदमाशों ने इनसे लूट की घटना को अंजाम दिया। बदमाश सोने व चांदी के आभूषण से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे।
पांच टीमों का गठन
पीड़ित चालक और मुनीम द्वारा घटना की सूचना बीटा दो कोतवाली पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए पांच टीमों का गठन किया था। पुलिस ने बुधवार को घटना में शामिल दो सगे भाई बागपत के गांव डगरपुर के अंकुर और अमित व इनके चचेरे भाई सोहित को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, तीनों रोहिणी दिल्ली में रह रहे थे। इसके साथ ही पुलिस ने इनके दो साथी दनकौर के जुनेदपुर गांव निवासी हिमांशु व नजफगढ़ दिल्ली के प्रेम विहार निवासी कमलकांत को गिरफ्तार किया है। कमलकांत ने पूरी घटना की रेकी की थी।
पुलिस ने इनके पास से लूटे गए सोने चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। वहीं घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट लगी बेलेनो कार भी बरामद की है। डीसीपी के मुताबिक घटना में शामिल एक आरोपित अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
सगे भाइयों को दी थी लूट करने की सलाह
घटना को अंजाम देने के लिए कमलकांत ने रेकी की थी। कमल कांत ने ही दोनों सगे भाई अंकुर और अमित को लूट करने की सलाह दी थी।
दरअसल, दोनों सगे भाई अंकुर और अमित ने दिल्ली में रहकर फाइनेंस का काम किया था। इसके चलते दोनों का पैसा डूब गया। फाइनेंस में पैसा लगाने के लिए दोनों ने अपने बहनोई से एक करोड़ रुपए का कर्ज लिया।
एक बाइक फाइनेंस कराई
दिल्ली में काफी लोगों को दोनों भाइयों ने ब्याज पर पैसा बांट दिया, लेकिन यह पैसा वापस नहीं मिला। इसके चलते दोनों कर्ज में डूब गए। आरोपित दोनों भाइयों ने दिल्ली के रहने वाले आरोपी कमलकांत के बेटे को एक बाइक फाइनेंस कराई थी। यह बाइक कमलकांत ने बेच दी। कमलकांत पर दोनों भाइयों का पैसा बकाया रह गया।
इसके चलते कमलकांत ने अपना पैसा चुकाने के लिए दोनों भाइयों को चांदी लूट करने की सलाह दी। कमलकांत दिल्ली में एक व्यापारी के यहां काम करता है। यहां से रोजाना बड़े व्यापारी सोने चांदी के आभूषण लेकर जाते हैं। कमलकांत ने आगरा के एक व्यापारी के ड्राइवर और मुनीम के बारे में पूरी जानकारी दी।
कमलकांत के कहने पर दोनों भाइयों ने आगरा के व्यापारी और ड्राइवर को निशाना बनाया। कमलकांत खुद भी दिल्ली से इनका पीछा करते हुए ग्रेटर नोएडा तक आया था। रविवार को यमुना एक्सप्रेस वे पर घटना को अंजाम दिया गया।

