दिल्ली- दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में प्रस्तावित यूईआर-2 टोल टैक्स को लेकर शनिवार को पालम 360 खाप के बैनर तले एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की अगुवाई खाप प्रधान चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और इस प्रस्तावित टोल का कड़ा विरोध किया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली देहात में कभी टोल टैक्स नहीं लगाया गया और वे इस परंपरा को टूटने नहीं देंगे। उनका कहना था कि यह केवल एक टैक्स नहीं, बल्कि दिल्ली देहात के सम्मान और अधिकारों पर सीधा प्रहार है। पंचायत में यह भी आरोप लगाया गया कि पहले की सरकारों ने किसानों की जमीनें सस्ते दामों में अधिग्रहित कर लीं और अब मौजूदा भाजपा सरकार टोल थोपकर ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ डालना चाहती है।
ग्रामीणों ने याद दिलाया कि दिल्ली देहात के लोगों ने 27 साल बाद भाजपा को सत्ता में पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी, ऐसे में सरकार से उम्मीद थी कि वह देहात की समस्याओं को समझेगी, न कि नए टैक्स लगाकर उन्हें और परेशान करेगी।
महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि सरकार को 20 सितंबर तक का समय दिया जाता है। यदि इस अवधि में टोल टैक्स हटाने की घोषणा नहीं होती, तो ग्रामीण 21 सितंबर से खुद टोल को बंद कर देंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि जब दिल्ली में अन्यत्र कहीं कोई टोल नहीं है, तो फिर देहात के लोगों पर यह बोझ क्यों? जिनकी ज़मीन ली गई, अब उनसे ही टैक्स वसूला जा रहा है – यह अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। पंचायत में बवाना 52 के प्रधान चौधरी धारा सिंह, लाड़ो सराय 96 के प्रधान चौधरी नरेश समेत कई खाप प्रतिनिधि मौजूद रहे।

