साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा के चार साल पूरे, विकास के दावों के बीच गंगाजल और सरकारी अस्पताल का इंतजार

News Desk
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साहिबाबाद। करीब 35 लाख आबादी वाली साहिबाबाद विधानसभा में सबसे ज्यादा वोट से जीतने वाले विधायक सुनील शर्मा के चार वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान साहिबाबाद विकास की राह पर तो आया, लेकिन सरकारी अस्पताल और गंगाजल अभी भी लोगों को नहीं मिला है।

वसुंधरा सेक्टर सात में एम्स का सैटेलाइट सेंटर प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में आयोजित कार्यक्रम में एम्स के सैटेलाइट सेंटर की घोषणा की थी। बावजूद इसके कई वर्ष बाद भी एम्स का सैटेलाइट सेंटर धरातल पर नहीं उतर सका। वहीं, गंगाजल की आपूर्ति वसुंधरा और कुछ जगह इंदिरापुरम में है। बाकी आबादी को अभी भी गंगाजल का इंतजार है। क्षेत्र में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो एक बड़ी समस्या है।

वायु प्रदूषण से भी लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। विकास की बात की जाए तो ट्रांस हिंडन क्षेत्र में सीएम ग्रिड के तहत सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। एलिवेटेड रोड पर इंदिरापुरम और वसुंधरा पर उतरने और चढ़ने के लिए रैंप निर्माण कार्य किया गया।

35 लाख आबादी वाला एशिया की सबसे बड़ी विधानसभा है, जहां सबसे ज्यादा लोग टैक्स देते हैं। सबसे ज्यादा वोट जनप्रतिनिधि को मिलते हैं, लेकिन बदले में साहिबाबाद में न तो एक भी सरकारी अस्पताल है और न पीने को शुद्ध पेयजल। आधे से अधिक आबादी भूजल पर जीने को मजबूर है। वायु प्रदूषण में हम हमेशा आगे रहते हैं।
– जय दीक्षित, संयोजक यूनाइटेड फोरम आफ ट्रांस हिंडन एसोसिएशन

सबसे बड़ी समस्या बिजली कटौती, कच्ची गलियां और टूटी सड़कें है। बच्चों को स्कूल में जाने के लिए गंदे नाले के पानी से गुजरना पड़ता है। कई जगह पार्कों की स्थिति बहुत खराब है। पीने का पानी दो वर्षों से गंदा आता है, जिसका कोई समाधान नहीं हुआ है।
– धर्मेंद्र गौतम, स्थानीय निवासी

वैशाली से शहीदनगर तक बने नाले की दुर्दशा है। क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक और वर्तमान कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा के लंबे कार्यकाल के बावजूद इस गंभीर समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हुआ है। इस खुले नाले के प्रदूषण से न केवल लाखों लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है और पर्यावरण दूषित हो रहा है।
– डॉ. सुनील वैद्य, स्थानीय निवासी

आज भी कई क्षेत्रों में सड़कों में गड्ढे, दूषित पेयजल की समस्या, वर्षा के दौरान घरों में पानी भरना, ग्रीन बेल्टों पर अवैध कब्जे, सड़कों की नियमित सफाई का अभाव और फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। ट्रांस हिंडन क्षेत्र को दिल्ली से सटा होने के चलते पूर्ण विकसित बनाने पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
– हरमिंदर सिंह, स्थानीय निवासी

साहिबाबाद विधानसभा में 15 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव बना हुआ है। सरकारी इंटर कालेज, अस्पताल, गंगाजल जलापूर्ति और बेहतर सड़कें आज भी अधूरी हैं। खोड़ा नगर पालिका के निवासी पानी, स्कूल, अस्पताल और मकानों के पते के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
– दीपक जोशी, अध्यक्ष खोड़ा रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन

विकास कार्य रहे प्राथमिकता, सड़क, बिजली, पार्क तक के हुए काम

कार्यकाल के दौरान कई विकास कार्य कराए हैं। इनमें सीएम ग्रिड योजना के तहत इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी में करीब 250 करोड़ की लागत से सड़कों का निर्माण कार्य का शिलान्यास, 100 करोड़ के निर्माण कार्य का टेंडर जारी और 50 करोड़ के निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

खोड़ा नगर पालिका में दो कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण, एलिवेटेड रोड पर इंदिरापुरम और वसुंधरा पर उतरने और चढ़ने के लिए रैंप निर्माण कार्य और धनराशि स्वीकृत, 50 डिस्पेंसरी संचालित, वसुंधरा सेक्टर 7 में चार नए बिजली घरों का निर्माण, विभिन्न सोसाइटी के पार्कों में 100 से अधिक ओपन जिम का निर्माण सहित कार्य कराए हैं। दो करोड़ 71 लाख की लागत से रामलीला मैदान लाजपत नगर में मंच एवं एक सांस्कृतिक केंद्र का का शिलान्यास कराया है।
– सुनील शर्मा, विधायक व कैबिनेट मंत्री

वसुंधरा सेक्टर सात में प्रस्तावित एम्स का सैटेलाइट सेंटर और स्टेडियम आज तक नहीं बन सका है। बृज विहार के नाला की चारदीवारी आज तक नहीं हुई। नाला की सफाई न होने से कई इलाकों में पानी भर जाता है। क्षेत्र में बिजली को अपग्रेड के लिए कोई कार्य नहीं किया गया। अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

विधायक ये बताएं उन्होंने क्या काम कराए हैं। विधायक निधि से और शासन से कितने का बजट विकास कार्यों के लिए अपने प्रयास से लाए हैं। खोड़ा में जितने भी कार्य कराए गए हैं वो नगर पालिका द्वारा कराए गए हैं। गंगाजल के लिए 187 करोड़ रुपये पास होने के बाद भी गंगाजल नहीं आ पाया।
– अमरपाल शर्मा, रनर अप

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