नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साउथ-वेस्टर्न रेंज (SWR) ने कुख्यात टिल्लू ताजपुरिया-कौशल चौधरी-गुरविंदर बाबा गैंग के तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है.आरोपितों की गिरफ्तारी से रंगदारी के लिए फायरिंग की कई संभावित वारदातों को टालने का दावा पुलिस ने किया है.आरोपितों के कब्जे से दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मंगोलपुरी निवासी हेमंत उर्फ मोनू (33), बुध विहार निवासी नयन अग्रवाल (25) और रोहिणी सेक्टर-2 निवासी दुर्गेश राय उर्फ डेविल (22) के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, तीनों गैंग के सक्रिय सदस्य और शूटर हैं तथा अमेरिका में रह रहे गैंग से जुड़े गुरविंदर उर्फ बाबा के निर्देश पर काम कर रहे थे. पूछताछ में दोनों ने बताया कि मई 2026 में गुरविंदर बाबा के निर्देश पर वे हथियारों की खेप लेने जीरकपुर गए थे. हथियार एक खेत में बताए गए स्थान से उठाकर दिल्ली में गैंग के संपर्क को सौंपे गए थे. दोनों ने चंडीगढ़ के दो सैलून में रंगदारी के लिए फायरिंग करने की कोशिश भी की थी, लेकिन वारदात को अंजाम नहीं दे सके.
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद वे दोबारा सैलून पर फायरिंग की योजना बना रहे थे. जांच के दौरान आठ अगस्त को पुलिस ने दुर्गेश राय उर्फ डेविल को भी गिरफ्तार किया. उसने हरियाणा के करनाल में खेतों में बने एक मकान पर गुरविंदर बाबा के निर्देश पर फायरिंग की थी.वह पहले अपहरण और लूट के मामले में भी शामिल रहा है और सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो डालकर इलाके में डर पैदा करने की कोशिश करता था.
डीसीपी नर्रा चैतन्य ने कहा कि गैंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. स्पेशल सेल SWR के डीसीपी नर्रा चैतन्य ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंग के सदस्यों और शूटरों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य गैंग की गतिविधियों को रोकने के साथ उनके हथियारों और आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई जारी है तथा गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
