
नोएडा– शहर की कुछ हाईराइज सोसाइटियों ने आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए संगठित और संतुलित व्यवस्था अपनाकर एक नई मिसाल पेश की है। सेक्टर-119 और सेक्टर-137 में स्थित तीन प्रमुख आवासीय परिसरों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने परिसरों को पूरी तरह आवारा कुत्तों से सुरक्षित बना लिया है।
इन सोसाइटियों का कहना है कि बेहतर सुरक्षा प्रबंधन, जागरूकता और प्रशासनिक नियमों के पालन से अब बच्चों और बुजुर्गों के लिए परिसर में आवाजाही पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो गई है।
एल्डिको आमंत्रण में सुरक्षा और जागरूकता का तालमेल
सेक्टर-119 स्थित एल्डिको आमंत्रण सोसाइटी के पदाधिकारियों के अनुसार, यहां आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। सभी प्रवेश द्वारों और खुले हिस्सों को एल्यूमिनियम जाली से बंद किया गया है। इसके साथ ही निवासियों और सुरक्षा कर्मियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि कुत्तों को सोसाइटी परिसर के भीतर भोजन न दिया जाए।
सोसाइटी प्रबंधन ने बताया कि डॉग लवर्स को भी साथ लेकर चलने की नीति अपनाई गई है और उन्हें सोसाइटी के बाहर निर्धारित स्थानों पर ही फीडिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही नोएडा प्राधिकरण की डॉग पॉलिसी को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
सीमित गेट, आसान निगरानी: एक्जोटिका फ्रेस्को
सेक्टर-137 की एक्जोटिका फ्रेस्को सोसाइटी ने अपनी सुरक्षा रणनीति को सरल लेकिन प्रभावी रखा है। यहां केवल दो प्रवेश और निकास द्वार हैं, जिससे सुरक्षा निगरानी आसान हो जाती है। सोसाइटी प्रबंधन का कहना है कि इसी वजह से परिसर में आवारा कुत्तों का प्रवेश लगभग खत्म हो चुका है।
यहां रहने वाले पशु प्रेमियों के लिए सोसाइटी के बाहर अलग-अलग फीडिंग पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इसकी जानकारी स्थानीय प्राधिकरण को भी दी गई है। करीब 834 फ्लैट्स वाली इस सोसाइटी में वर्ष 2015 से लोग निवास कर रहे हैं।
पूर्वांचल रॉयल पार्क में शुरू से ही नियंत्रण
सेक्टर-137 स्थित पूर्वांचल रॉयल पार्क सोसाइटी में भी आवारा कुत्तों को लेकर सख्त लेकिन मानवीय व्यवस्था लागू है। सोसाइटी के दो गेटों पर तैनात सुरक्षा कर्मी लगातार निगरानी रखते हैं और यदि कोई आवारा कुत्ता परिसर के आसपास दिखाई देता है तो उसे बिना नुकसान पहुंचाए बाहर की ओर मोड़ दिया जाता है।
सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि कुत्तों को भोजन हमेशा मुख्य द्वार के बाहर ही दिया जाता है, जिससे परिसर के भीतर किसी तरह की असहज स्थिति नहीं बनती। करीब 1140 फ्लैट्स वाली इस सोसाइटी में वर्ष 2014 से लोग रह रहे हैं।
संतुलन ही समाधान
इन तीनों सोसाइटियों का मानना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान टकराव नहीं, बल्कि संतुलन से संभव है। सुरक्षा व्यवस्था, निवासियों की सहभागिता और पशु प्रेमियों के सहयोग से बिना किसी क्रूरता के सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है। अब ये सोसाइटियां अन्य आवासीय परिसरों के लिए एक व्यवहारिक उदाहरण बनकर उभर रही हैं।
