ग्रेटर नोएडा। आवारा कुत्तों और गोवंश की समस्या से निजात दिलाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (यीडा) ने बड़ा कदम उठाया है। यहां करीब 500 आवारा कुत्तों और 600 गोवंशी के संरक्षण के लिए दो अलग-अलग परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। इससे आने वाले दिनों में काफी राहत मिलेगी। खुलेआम घूमने वाले गोवंश को आश्रय मिलेगा, वहीं आवारा कुत्तों के नसबंदी की सुविधा मिलेगी।
जहांगीरपुर में 2000 वर्गमीटर में बनेगा डाग शेल्टर
यीडा के अधिकारियों के अनुसार जहांगीरपुर में 2000 वर्गमीटर भूमि पर डाग शेल्टर बनाया जाएगा। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। शेल्टर का निर्माण एक निजी संस्था द्वारा सीएसआर फंड के तहत कराया जाएगा।
यहां एक साथ करीब 500 आवारा कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। शेल्टर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कुत्तों को अलग-अलग रखने के लिए भोजन-पानी, साफ-सफाई के साथ उपचार, टीकाकरण और नसबंदी की व्यवस्था होगी।
पशु चिकित्सकों की निगरानी में नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ उनका संरक्षण सुनिश्चित करना है।
फलैदा में गोशाला, लगेगा इलेक्ट्रिक क्रेमेटोरियम
प्राधिकरण द्वारा फलैदा में 600 गोवंश क्षमता की आधुनिक गोशाला का निर्माण कराया जा रहा है। यहां शेड, चारा-पानी, उपचार और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं होंगी। गोवंश के दाह संस्कार के लिए इलेक्ट्रिक क्रेमेटोरियम भी स्थापित किया जाएगा।
यमुना सिटी में वर्तमान में 6 गोशालाएं हैं, जिनमें जेवर बांगर, चांचली और धौरऊ एत्मादपुर में संचालित हैं।
मथुरा क्षेत्र के सैदपुर में भी एक और गोशाला का काम अंतिम चरण में है। यीडा के महाप्रबंधक परियोजना राजेंद्र भाटी ने बताया कि दोनों परियोजनाओं से 500 से 600 आवारा कुत्तों व गोवंशियों का बेहतर रखरखाव हो सकेगा।
