मणिपुर में भीड़ ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर की तोड़फोड़ व आगजनी, उद्घाटन से पहले ही ओपन जिम को जलाया

Rohit Kumar
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के चुराचांदपुर जिले में होने वाले कार्यक्रम से ठीक पहले भारी तनाव फैल गया है। शुक्रवार को राज्य के चुराचांदपुर जिले में होने वाले कार्यक्रम स्थल पर भीड़ ने तोड़फोड़ की और इसे आग लगा दी। मुख्यमंत्री आज जिम और खेल सुविधा का उद्घाटन करने वाले थे। घटना के बाद इंटरनेट पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है और चुराचांदपुर में धारा 144 लागू कर दी गई है। आक्रोशित भीड़ को आयोजन स्थल के अंदर कुर्सियों और अन्य सामान को भी तोड़ डाला और नवनिर्मित जिम के खेल उपकरणों में भी आग लगा दी।

सैकड़ों कुर्सियां आग के हवाले

स्थानीय पुलिस तुरंत कार्रवाई में जुट गई और भीड़ को तितर-बितर कर दिया, लेकिन इससे पहले ही सैकड़ों कुर्सियों को आग के हवाले किया जा चुका था। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर चुराचंदपुर प्रशासन ने जिले में सुरक्षा बढ़ा दी, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने पीटीआई को बताया कि उत्तेजित भीड़ ने न्यू लमका में पीटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नए सेट-अप ओपन जिम को आंशिक रूप से आग के हवाले कर दिया, जिसका उद्घाटन बीरेन सिंह करने वाले थे।

स्वदेशी जनजातीय मंच ने की आगजनी

जिला प्रशासन ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि हिंसा के कारण मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द किया गया है या नहीं। बताया जा रहा है कि भीड़ की हिंसा का नेतृत्व स्वदेशी जनजातीय नेताओं के मंच (Indigenous Tribal Leaders’ Forum) ने किया था, जो वेटलैंड के अलावा आरक्षित और संरक्षित वन क्षेत्रों के भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के सर्वेक्षण पर आपत्ति जताता रहा है। जनजातीय मंच ने राज्य सरकार पर गिरजाघरों को गिराने का भी आरोप लगाया।

मंच ने विरोध की वजह बताई

मंच ने एक बयान में कहा कि वह सरकार के खिलाफ असहयोग अभियान चलाने के लिए मजबूर हो गया है और इस तरह उसके कार्यक्रमों में बाधा डाल रहा है। इसने शुक्रवार को सुबह 8 बजे से जिले में आठ घंटे की हड़ताल का भी आह्वान किया है। राज्य के आदिवासियों के प्रति सौतेला व्यवहार करने के आरोपों के साथ कुकी छात्र संगठन ने भी मंच का समर्थन किया है। मणिपुर सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कथित तौर पर राज्य में तीन चर्चों को यह कहते हुए ध्वस्त कर दिया था कि ये अवैध रूप से बनाए गए हैं।

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