पाक सेना चुनाव ड्यूटी के लिए नहीं होगी उपलब्ध, रक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग को दिया जवाब

Rohit Kumar
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को चुनाव आयोग को सूचित किया कि देश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर आगामी प्रांतीय चुनावों के दौरान देश की सेना चुनाव ड्यूटी के लिए उपलब्ध नहीं होगी। पंजाब प्रांत में 30 अप्रैल को चुनाव होने हैं, जबकि खैबर-पख्तूनख्वा के गवर्नर ने 28 मई को प्रांत में चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सिकंदर सुल्तान राजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) हमूद उज जमान खान ने अपने मंत्रालय की एक टीम का नेतृत्व किया। पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि रक्षा सचिव जमान खान ने अतिरिक्त सचिव मेजर जनरल खुर्रम सरफराज खान के साथ सीईसी और ईसीपी अधिकारियों को देश की मौजूदा स्थिति और सेना की तैनाती के बारे में जानकारी दी।

ईसीपी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि  सेना अपने मूल कर्तव्यों को महत्व देती है, जिसमें सीमाओं और देश की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान स्थिति के कारण सेना इस समय चुनाव ड्यूटी के लिए उपलब्ध नहीं होगी। रक्षा सचिव ने यह भी कहा कि अंत में, यह सरकार का निर्णय होगा कि वह सेना को अपने प्राथमिक कार्यों तक ही सीमित रखना चाहती है या इसे चुनाव संबंधी कर्तव्यों जैसे दूसरे कार्यों के लिए नियुक्त करना चाहती है।

बयान के अनुसार, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव ड्यूटी के मामले में सेना को त्वरित प्रतिक्रिया बल मोड (Quick Reaction Force Mode) में तैनात किया जा सकता है, लेकिन स्थैतिक मोड (Static Mode) में ड्यूटी करना संभव नहीं है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का असर सेना पर भी पड़ रहा है। सेना के जवानों ने परंपरागत रूप से चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, हाल के महीनों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के विद्रोहियों के हमले बढ़ गए हैं, जिससे सेना को अपने सैनिकों की तैनाती में समायोजन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सेना के जवानों के बिना चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से आतंकी घटनाओं में तेजी देखी जा रही है, जिसने कई लोगों की जान ले ली है। और इसके परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों ने देश भर में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

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