
नोएडा। दीपावली पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिले में पारंपरिक व अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी लगाते हुए केवल वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद तथा राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग को ही सशर्त अनुमति दी गई है। असली हरित पटाखों के डिब्बों पर क्यूआर कोड और बैच संख्या अंकित होना अनिवार्य रहेगा।
स्वीकृत श्रेणियों में जलने पर वाष्प छोड़ने वाले श्वास, सल्फर व पोटेशियम नाइट्रेट रहित स्टार तथा न्यूनतम एल्युमीनियम व कम ध्वनि स्तर वाले सफल (एसएएफएएल) पटाखे शामिल हैं।
यूपीपीसीबी ने जारी किए निर्देश
यूपीपीसीबी के क्षेत्राधिकारी रीतेश तिवारी की ओर से जारी किए गए निर्देशों में बताया कि आतिशबाजी के लिए केवल सात और आठ नवंबर की तारीख तय की गई है। जिसके तहत सुबह छह से सात बजे तक तथा रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे।
तय समयावधि के बाद नौ नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा। इसके अलावा ई-कामर्स कंपनियों के जरिए पटाखों की आनलाइन बिक्री, लड़ियों और बेरियम युक्त रसायनों से बने पटाखों के निर्माण व कारोबार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थानों के तीन सौ मीटर के दायरे को शांत क्षेत्र घोषित किया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
