लोनी। ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस और एसओजी टीम ने आन डिमांड लग्जरी कार चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की पांच कार, कार के स्पेयर पार्ट और चोरी करने के औजार बरामद हुए हैं। पुलिस गिरफ्तार वाहन चोरों को जेल भेजकर फरार उन्हें दिशा निर्देश देने वाले सरगना की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
एसीपी लोनी राम किशन ने बताया कि ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस और एसओजी टीम को चार पहिया वाहनों की चोरी कर उन्हें बेचने वालों के संबंध में सुराग हाथ लगे थे। जिसपर थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर चार वाहन चोरों को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने अपने नाम मैनपुरी निवासी आदित्य सिंह, इटावा अजीत नगर निवासी रिंकू उर्फ सचिन उर्फ रंजीत, अलीगढ़ निवासी दिलीप उर्फ छोटू और बुलंदशहर निवासी माजिद बताए।
उनके कब्जे से पांच कार, कार चोरी करने के औजार और दो ईसीएम, सात लाक सेट, 90 कार की चाबियां, एक स्टेरिंग लाक, छह खिड़कियों के लाक, दो स्टार्टर लटटू, 18 टूल किट, छह केबल होल्डर, चार प्रोग्रामिंग चिप, एक ग्राइडिंग मशीन, 12 फर्जी नंबर प्लेट, टैब आदि सामान बरामद हुआ। एसीपी लोनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। उनसे वाहन चोरी कराने वालों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
ऑन डिमांड करते थे चोरी
पुलिस पूछताछ में चोरों ने बताया कि वह बिहार गोपाल गंज निवासी शुभम उर्फ सौरभ, जयपुर निवासी अमित उर्फ बलवंत की मांग के अनुसार नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर से कार चोरी करते थे। चोरी की गई कार को उन्हें बेच दिया करते थे। जब उन्हें पकड़ा गया तब वह शुभम और अमित को कार की डिलीवरी देने जा रहे थे।
नंबर प्लेट बदलकर चलाते थे कार
आरोपितों ने बताया कि वह कार चोरी करने के बाद उसकी नंबर प्लेट को उतार कर फेंक दिया करते थे। उसके स्थान पर कोई और नंबर प्लेट लगा दिया करते थे। यदि नई कार होती थी तो उसकी प्लेट पर एएफ लिखकर कार को दूसरे जिलों में पहुंचा देते थे।
कई मुकदमे हैं दर्ज
एसीपी लोनी ने बताया कि आदित्य के खिलाफ विभिन्न थानों पर सात, रिंकू के खिलाफ छह, दिलीप के खिलाफ नौ और माजिद के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। पुलिस ने माजिद पर जिला बुलंदशहर से 20 हजार का इनामी घोषित है।
पांचवी और 10वीं, 12वीं व अशिक्षित है गिरोह के सदस्य
एसीपी लोनी ने बताया कि आदित्य सिंह 12वीं तक पढ़ा है। वह पिता के साथ गाजीपुर दिल्ली में आढ़त चलाता था। जबकि रिंकू उर्फ सचिन ने 10वीं तक पढ़ाई की है। वह टैक्सी चालक था। दिलीप उर्फ छोटू दसवीं पास है।
वह पहले शराब की तस्करी करता था। जबकि माजिद ने पढ़ाई नहीं की है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पहले आदित्य और माजिद कार चोरी कर बेचने का काम करते थे। माजिद और दिलीप ने चारों को एकत्र कर गिरोह बनाया था।

