
नोएडा के सुपरनोवा सोसाइटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की मौत के बाद अब बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई स्तर पर बदलाव की तैयारी है। हादसे के बाद प्रबंधन ने एयरबीएनबी के तौर पर इस्तेमाल हो रहे फ्लोर पर सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
यहां प्रत्येक फ्लोर पर एक सुरक्षा गार्ड तैनात करने की योजना है। मौजूदा व्यवस्था में गेट और पार्किंग से लेकर एयरबीएनबी के रिसेप्शन डेस्क तक 14 सुरक्षा कर्मचारी दिन और 14 रात की ड्यूटी में तैनात हैं। नई व्यवस्था के तहत करीब 46 से 50 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी की जा रही है।
सुपरनोवा में 20वीं मंजिल से 43वीं मंजिल तक करीब 23 फ्लोर पर एयरबीएनबी की सुविधा संचालित होती है। जिसकी वजह से यहां अलग-अलग समय पर बाहरी लोगों की आवाजाही होती है। प्रबंधन की योजना है कि इन सभी फ्लोर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
इसके लिए प्रत्येक फ्लोर पर दिन और रात के लिए सुरक्षा कर्मचारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी है। फिलहाल मौजूदा कर्मचारियों से ही समय-समय पर प्रत्येक फ्लोर पर गश्त कराया जा रहा है। हालांकि इस घटना के बाद बिल्डिंग में काम करने वाले कर्मचारियों में भी डर का माहौल है।
रात की ड्यूटी करने वाले सुरक्षा कर्मचारी आशुतोष ने बताया कि घटना के बाद सुनसान समय में 43 वें मंजिल पर ड्यूटी करना उसे डरावना लग रहा था। उसने इस संबंध में अपने मैनेजर त्यागी को भी जानकारी दी।
सेक्टर-126 थाना प्रभारी सुमनेश कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से एयरबीएनबी में आने वाले लोगों पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी। केवल संबंधित कमरे में प्रवेश रोका गया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह परियोजना बिल्डर के हाथों से निकलकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष निगरानी समिति के अधीन है। ऐसे में परियोजना से संबंधित प्रशासनिक फैसलों पर थाना प्रभारी ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया।
कमरा नंबर 4228 पुलिस जांच के दायरे में
हादसे के बाद सेक्टर-126 थाना पुलिस ने एयरबीएनबी के माध्यम से संचालित 42वें फ्लोर का कमरा नंबर 4228 जिसमें संभव जैन रुका था को जांच के दायरे में लिया था। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने संबंधित कमरे के अगल-बगल के कमरों को भी बंद करा दिया था।
घटना के दौरान संभव जैन को बचाने का प्रयास करने वाले चारों तकनीशियनों अल्ताफ, लवकुश, करन और अमित से पुलिस ने घटना के समय की परिस्थितियों और मौजूदा गतिविधियों के बारे में जानकारी ली थी। हालांकि, पीड़ित परिवार की तरफ से किसी भी तरह की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है।
इंजीनियर संभव जैन ने की थी खुदकुशी
यूपी की सबसे ऊंची बिल्डिंग नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी की 42वीं मंजिल से शनिवार को कूदकर इंजीनियर संभव जैन ने खुदकुशी कर ली थी। ऊंचाई से गिरने के कारण उसका शरीर क्षत-विक्षत हो गया था। इसका दिल दहलाने वाला वीडियो भी सामने आया है। गुरुग्राम निवासी संभव (30) ने शुक्रवार को ही सुपरनोवा के एक एयरबीएनबी में चेक-इन किया था, शनिवार को चेक आउट करना था। कर्ज से परेशान संभव ने खुदकुशी से पहले पिता को व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कहा था कि वह जीना नहीं चाहता
सॉफ्टवेयर इंजीनियर था मृतक संभव जैन
पुलिस के अनुसार मृतक संभव जैन गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर का रहने वाला था और एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर था। वह दो अक्तूबर को दोपहर को स्पायरा बिल्डिंग में ठहरने आया था। कमरे की बुकिंग उसने एयरबीएनबी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की थी। कमरे में वह अकेला था।
शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे कर्मचारियों की नजर बालकनी की तरफ गई। उन्होंने संभव को रेलिंग के बाहर लटका देखा। उसकी स्थिति देखकर कर्मचारियों ने उसे समझाना शुरू किया। उन्होंने उससे नीचे नहीं कूदने और वापस अंदर आने के लिए कहा। उस समय वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर ऊपर खींचने की कोशिश की थी। लेकिन वो कूद गया।
नहीं गिर रहा सर… कहकर चार लोगों के सामने लगा दी छलांग
नोएडा में सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा की स्पायरा बिल्डिंग में शनिवार को हुए हादसे के संबंध में कुछ और रोंगटे खड़े कर देने वाले विवरण सामने आए हैं। 42वीं मंजिल की बालकनी की रेलिंग के बाहर लटके सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन को बचाने के लिए एसी रिपेयरिंग स्टाफ समेत चार लोगों ने पूरी ताकत झोंक दी थी।
वजन अधिक होने के कारण चारों की पकड़ फिसल गई। जिसके कुछ क्षणों बाद संभव ने छलांग लगा दी। चार लोगों की आंखों के सामने हुई इस घटना से वहां मौजूद लोग सहम गए। पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे कर्मचारियों की नजर बालकनी की तरफ गई।
उन्होंने संभव को रेलिंग के बाहर लटका देखा। उसकी स्थिति देखकर कर्मचारियों ने उसे समझाना शुरू किया। उन्होंने नीचे नहीं कूदने और वापस अंदर आने के लिए कहा। उस समय वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर ऊपर खींचने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संभव को बचाने के लिए चार लोगों ने प्रयास किया। चारों ने उन्हें पकड़ लिया और ऊपर खींचने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान संभव देर तक रेलिंग के बाहर लटके रहे। बचाने वाले लोग लगातार समझाते रहे। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान संभव ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की।
