नोएडा। ग्रेटर नोएडा के परीचौक से कश्मीरी गेट जा रही बस यूपी 83 ईटी 3789 में चार अगस्त को नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नोएडा पुलिस ने दिल्ली पुलिस की थ्योरी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने घटना के बारे में बस के रूट संबंधी भौगोलिक जानकारी को एकदम गलत बताया है।
दावा है कि घटना के संबंध में उपलब्ध साक्ष्य और दिल्ली पुलिस अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास है। नोएडा क्षेत्र से गुजरने के दौरान बस में एक अन्य सवारी भी थी जो चिल्ला बार्डर पर उतर गई। दिल्ली पुलिस ने 26 दिन तक गौतमबुद्ध नगर पुलिस से घटना के बारे में न संपर्क किया और न ही कोई जानकारी दी। पीड़िता ने भी नोएडा पुलिस से सपंर्क नहीं किया।
बता दें कि चार अगस्त को घटना होने पर पीड़िता ने दिल्ली कश्मीरी गेट पुलिस से शिकायत कर मामला दर्ज कराया था। दिल्ली पुलिस ने पांच अगस्त को आरोपितों को घर से सोते हुए गिरफ्तार भी कर लिया। डीसीपी ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस को उसके बाद भी दिल्ली पुलिस ने कोई सूचना नहीं दी।
दिल्ली पुलिस ने 11 अगस्त को एक आरक्षी को नोएडा कंट्रोल रूम भेजा था। उसने भी गौतमबुद्ध नगर पुलिस को घटना के बारे में नहीं बताया। उसने कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरे चेक कर एक्सप्रेसवे पर बस की लोकेशन देखी। वह बस के नोएडा से गुजरने का समय दर्ज कर चला गया।
अकेली थी नाबालिग, मयूर विहार उतरी थी एक सवारी
बस के परीचौक से दिल्ली जाने के दौरान चिल्ला बार्डर पर मयूर विहार के पास एक सवारी उतरी थी। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने चिल्ला बार्डर पर सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाला तो यह जानकारी सामने आई। वह सवारी कौन है, इसका पता नहीं चल सका है। जबकि दिल्ली पुलिस की ओर से दावा किया है कि नाबालिग बस में अकेली थी। बस चालक व कंडक्टर ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। माना जा रहा है कि चिल्ला बार्डर पर सवारी उतरने के बाद दिल्ली में घटना को अंजाम दिया।
टूर एंड ट्रैवल की थी बस
बता दें कि बस विश्वनाथ टूर एंड ट्रैवल की है। ट्रैवल प्रबंधन ने घटना के बाद से नोएडा सेक्टर 44 स्थित कार्यालय बंद कर दिया और वहां से अपना बोर्ड भी हटा लिया।
