मुस्कान हत्याकांड: अस्पताल से छुट्टी के बाद आकिब को रिमांड पर लेगी पुलिस, खुलेंगे हत्या के राज

News Desk
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पश्चिमी दिल्ली। तिलक नगर के ओल्ड महावीर नगर में डीयू की छात्रा व माडल मुस्कान शर्मा (21) की हत्या के मामले में आरोपित आकिब उर्फ इमरान के अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद पुलिस उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। रिमांड पर तिलक नगर थाना पुलिस हत्या की वजह, वारदात में इस्तेमाल चाकू, अवैध हथियार की व्यवस्था, फरारी की योजना और आरोपित को मदद पहुंचाने वालों के बारे में पूछताछ करेगी।इसके बाद पुलिस घटना का सीन रीक्रिएट करा सकती है।

घटना की जांच में कानूनी और तकनीकी पहलुओं को मजबूत करने के लिए तिलक नगर और राजौरी गार्डन थाना पुलिस अलग-अलग जांच कर रही है। तिलक नगर थाना पुलिस मुस्कान की हत्या और उससे जुड़े साक्ष्यों पर काम कर रही है, जबकि राजौरी गार्डन थाना पुलिस मुठभेड़ के बाद दर्ज आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास से जुड़े मामले की जांच कर रही है।

आकिब का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस 

इस दौरान यह पता लगाने का प्रयास होगा कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान आकिब को अवैध पिस्टल और कारतूस किसने उपलब्ध कराए थे। वैसे प्रारंभिक पूछताछ में उसने किसी दूसरे युवक से बातचीत को लेकर हुए विवाद के चलते मुस्कान की हत्या करने की बात स्वीकार की है। हत्या के बाद मुठभेड़ तक करीब 24 घंटे तक फरार रहे आकिब को लेकर पुलिस अब उसके संपर्कों और ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है।

यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में रहा और कहां-कहां रुका। ऐसे लोगों की भूमिका भी सामने लाई जाएगी, जिन्होंने उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि या वारदात की जानकारी होने के बावजूद उसे पनाह दी। इधर, हत्या के बाद आकिब मुस्कान का आइफोन अपने साथ ले गया था और बाद में उसे तिलक नगर गंदा नाला के पास फेंक दिया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आइफोन और मौके से चाकू बरामद किया।

फोन लाक होने के कारण डाटा और डिलीट की गई चैट की जानकारी हासिल करने के लिए आइफोन को एफएसएल भेजा गया है। दोनों के बीच इंटरनेट मीडिया पर हुई बातचीत का पूरा ब्योरा हासिल करने के लिए पुलिस ने इंस्टाग्राम को भी पत्र लिखा है। डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य आरोपित के खिलाफ पुलिस की जांच को मजबूत करने में अहम साबित हो सकते हैं।

मुस्कान के स्वजन से मिलीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने रविवार को मुस्कान के निवास पर जाकर उनकी मां, भाई और बहन से मुलाकात की। शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली महिला आयोग इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि कानूनी, प्रशासनिक या किसी भी अन्य सहायता के लिए आयोग हर संभव सहयोग देगा।

मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित कराने के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी से वार्ता कर मामले की प्रगति, साक्ष्यों और पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लता गुप्ता ने कहा कि पीड़ित परिवार ने जो दुख झेला है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हमारा मुख्य उद्देश्य मामले की त्वरित, निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच कराना है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।

गृहमंत्री ने की पुलिस टीम की सराहना

पश्चिमी जिला पुलिस की कार्रवाई के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने जांच टीम की सराहना की है। पुलिस आयुक्त ने केस को सुलझाने वाली संयुक्त टीम के सदस्यों को पुलिस मुख्यालय बुलाकर उनकी पीठ थपथपाई। इस दौरान स्पेशल सीपी ला एंड आर्डर (जोन-टू) नीरज ठाकुर और डीसीपी पश्चिम हरेश्वर वी. स्वामी भी मौजूद रहे।

उपयुक्त ने एसीपी आपरेशन्स राजेश कुमार की देखरेख में गठित 15 टीमों के प्रयासों को सफलता का श्रेय दिया। इनमें स्पेशल स्टाफ के प्रभारी राजेश कुमार मीणा और एटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश मीणा की टीम शामिल थी।

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