
नोएडा: सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आठवीं मंजिल पर लगी फॉल्स सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। ऐसे में बड़ा हादसा टल गया। फॉल्स सीलिंग गिरने की सूचना मिलते ही अस्पतालकर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया।
CMO कार्यालय के पास गिरी सीलिंग
जानकारी के मुताबिक, आठवीं मंजिल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के पास गलियारे में लगी फॉल्स सीलिंग अचानक टूटकर नीचे आ गिरी। सोमवार सुबह कर्मचारी और अधिकारी कार्यालय पहुंचे तो गलियारे में सीलिंग का मलबा बिखरा हुआ मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। जिस जगह फॉल्स सीलिंग गिरी, वह अस्पताल के व्यस्त हिस्सों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं।
दोपहर में घटना होती तो हो सकता था बड़ा हादसा
इस हिस्से में ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत कार्ड बनवाने के लिए बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद लोग आते हैं। इसके अलावा बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र समेत कई जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के लिए भी लोग यहां पहुंचते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना दोपहर के समय होती, जब काउंटर पर लोगों की भारी भीड़ रहती है, तो कई लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो सकते थे। हालांकि, सुबह के समय वहां लोगों की मौजूदगी नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद मेंटेनेंस टीम को मलबा हटाने और पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई दिनों से पानी रिसने की समस्या का दावा
अस्पताल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ऊपरी मंजिलों और छत से पिछले कई दिनों से पानी रिसने की समस्या बनी हुई थी। लगातार नमी के कारण फॉल्स सीलिंग के अंदर लगी ग्रिल और पीओपी कमजोर हो गए थे।
माना जा रहा है कि नमी के कारण सीलिंग की संरचना कमजोर हुई और इसी वजह से उसका एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस आधुनिक जिला अस्पताल के रखरखाव को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
पहले भी गिर चुकी है फॉल्स सीलिंग
नोएडा जिला अस्पताल में ढांचागत खराबी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी तीसरी मंजिल के गायनी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर की गैलरी में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अस्पतालकर्मियों के अनुसार, आठवीं मंजिल के कई हिस्सों और गलियारों में अभी भी फॉल्स सीलिंग जर्जर स्थिति में है। कई जगह इसके बड़े टुकड़े नीचे लटके हुए हैं। ऐसे में यहां कभी भी गंभीर हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
इसके बावजूद अस्पताल की जर्जर सीलिंग की समय रहते प्रभावी मरम्मत नहीं होने को लेकर मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों में चिंता बनी हुई है।
रोजाना आते हैं बड़ी संख्या में मरीज
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन इलाज और विभिन्न जरूरी सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यदि जर्जर फॉल्स सीलिंग की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को अचानक फॉल्स सीलिंग गिर गई थी। उन्होंने कहा कि इसकी मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं और जल्द ही इसे ठीक करा दिया जाएगा।
