नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ रुपये के दवा एवं उपकरण खरीद घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और खरीद प्रक्रिया से जुड़े वेंडरों समेत छह संदिग्ध को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
कुछ और लोग होंगे गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोगों से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां खरीद प्रक्रिया, टेंडर मंजूरी, सप्लाई, भुगतान और संबंधित कंपनियों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटा रही हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद जिन लोगों की गिरफ्तारी आवश्यक समझी जाएगी, उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी और उसकी अनुसार जानकारी भी दी जाएगी।
क्या है मामला?
इस मामले में सीपीए के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को एसीबी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) डा. वत्सला अग्रवाल पहले निलंबित किया गया और बाद में उनके सहित उप नियंत्रक लेखा नीरज चोपड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत एफआइआर दर्ज की गई।
इस संबंध में प्रभारी डीजीएचएस डॉ. सुषमा जैन का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया पर, उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद उन्हें वाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से संदेश भेजा गया, लेकिन उन्होंने उसका कोई उत्तर नहीं दिया।

