नई दिल्ली। राजधानी में हुए घातक विस्फोट मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को केस से जुड़े चार नए संदिग्धों—डॉ. मुजम्मिल, डॉ. आदिल, मुफ्ती इरफान और डॉ. शाहीन सईद—को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। विशेष अदालत ने चारों आरोपियों की एनआईए हिरासत चार दिनों के लिए बढ़ा दी है। एजेंसी का दावा है कि हालिया गिरफ्तारियां मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम साबित हो रही हैं।
सोएब की हिरासत 10 दिन के लिए और बढ़ी
इसी केस के एक अन्य आरोपी सोएब को बीते शुक्रवार कड़ी सुरक्षा में अदालत लाया गया, जहां प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आंजू बजाज चंदना ने उसकी रिमांड अवधि 10 दिन और बढ़ाने की अनुमति दी। कार्यवाही बंद अदालत में की गई।
एनआईए के मुताबिक, सोएब पर मुख्य संदिग्ध उमर उन नबी को शरण देने और उससे जुड़े लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने का आरोप है। उमर उन नबी वही व्यक्ति है, जिस पर 10 नवंबर को हुए कार विस्फोट में इस्तेमाल किए गए आईईडी को तैयार करने का संदेह है।
राष्ट्र राजधानी में हुआ था बड़ा कार ब्लास्ट
दिल्ली में हुए इस धमाके को पिछले कई वर्षों का सबसे गंभीर आतंकी हमला माना जा रहा है। चलती हुंडई आई20 में हुए धमाके में कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया है कि हमले से पहले आरोपियों का ऑपरेशनल नेटवर्क राजधानी और आसपास के शहरों में सक्रिय था।
जांच एजेंसी को मिल रहे नए सुराग
एनआईए का कहना है कि हाल में की गई गिरफ्तारियों से बम विस्फोट की साजिश, फंडिंग और सहयोगी नेटवर्क के बारे में कई अहम बातें सामने आई हैं।
एजेंसी ने पहले ही इस केस में छह सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया था। नए आरोपियों से पूछताछ के जरिए आतंकवादी मॉड्यूल के पूरे ढांचे को उजागर करने की तैयारी की जा रही है।

