नई दिल्ली- राजधानी में साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें विदेशी ठग भारतीय नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे थे। स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट ने मयूर विहार फेज-3 के जीडी कॉलोनी इलाके में छापा मारकर अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन का पर्दाफाश किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में इस गिरोह के तार कंबोडिया समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से जुड़े पाए गए हैं, जहां बैठे ठग भारत में इस नेटवर्क के जरिए अपनी गतिविधियां चला रहे थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी स्थानीय स्तर पर पूरे सिस्टम को संचालित कर रहे थे। वे इंटरनेट के माध्यम से विदेश में बैठे अपराधियों को रिमोट एक्सेस देते थे, जिससे वे भारतीय नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को कॉल कर सकें। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सिम कार्ड, सिम बॉक्स डिवाइस, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क का संचालन बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे, ताकि पैसों का ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। पुलिस को ऐसे कई खातों की जानकारी मिली है, जिनका उपयोग धोखाधड़ी में किया गया था।
ठगों का तरीका भी काफी शातिर था। वे इंटरनेट कॉल को सिम बॉक्स के जरिए भारतीय नंबर में बदल देते थे, जिससे पीड़ित को कॉल स्थानीय लगती थी। इसके बाद खुद को पुलिस या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराया जाता था और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।
इसी के साथ, पुलिस ने राजधानी में सक्रिय अन्य साइबर ठगी गिरोहों पर भी कार्रवाई की है। एक मामले में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ, जिसके तार दुबई स्थित मास्टरमाइंड से जुड़े मिले। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह का खुलासा हुआ, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था। इन मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
