
नई दिल्ली: दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने के दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 1 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है. एडिशनल सेशंस जज निशांत गर्ग ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया. कोर्ट ने 9 सितंबर को इस मामले के आरोपी तहसीन राजा की जमानत याचिका वापस लेने के आधार पर खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता और उसके भागने की संभावना को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती है.
इस मामले में कोर्ट ने 26 दिसंबर 2025 को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने आरोपी तहसीन सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132, 109(1) और आरोपी राजेश खिमजी के खिलाफ 109(1), 115(2), 221 और 132 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कहा गया है कि रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले आरोपी राजेश खिमजी ने एक सपने के बाद ऐसा किया था.
चार्जशीट में कहा गया है कि राजेश खिमजी ने सपने में देखा कि एक शिवलिंग के बगल में बैठे कुत्ते ने उससे कहा कि दिल्ली में कुत्ते कष्ट में हैं. चार्जशीट में कहा गया है कि राजेश खिमजी ने फेसबुक पर वीडियो देखे जिसमें कुत्तों की समस्याओं के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जिम्मेदार ठहराते हुए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. चार्जशीट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राजेश खिमजी ने मई में अयोध्या में बंदरों के सवाल पर भूख हड़ताल किया था.
क्या है पूरा मामला
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर को चार सौ पेजों का चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों राजेश खिमजी और तहसीन सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या की कोशिश, लोकसेवक के काम में बाधा डालने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक राजेश खिमजी आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के रुख से नाराज था. सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को अपने फैसले में कहा था कि आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए. इस फैसले का रेखा गुप्ता ने पुरजोर समर्थन किया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इससे नाराज राजेश खिमजी ने रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त को उस समय हमला किया जब वो जन सुनवाई कर रही थी.
उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के मामले
दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के मामले के सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 1 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया. एडिशनल सेशंस जज सुशांत चंगोट्रा ने ये आदेश दिया. आज सुनवाई के दौरान इस मामले के सभी आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश हुए. सुनवाई के दौरान इस मामले के आरोपियों रफीक और सुहैल ने दस्तावेजों के परीक्षण के लिए समय देने की मांग की. कोर्ट ने इस मांग को मंजूर करते हुए 24 सितंबर तक दोनों आरोपियों की ओर से दस्तावेजों का परीक्षण कर लेने का आदेश दिया.
कोर्ट ने आरोपियों रफीक और सुहैल को 24 सितंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश होने का आदेश दिया. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और शिकायतकर्ता की ओर से 10 अक्टूबर को आरोप तय करने के लिए दलीलें रखने का आदेश दिया. कोर्ट ने सभी आरोपियों को 1 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने का आदेश दिया.
