नई दिल्ली। दिल्ली और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने मानव तस्करी के एक घिनौने नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पिछले 48 घंटों से जारी ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची को रानीबाग से सुरक्षित मुक्त कराया गया है।
मासूम बच्ची को दो साल पहले झारखंड से लाकर दिल्ली में घरेलू काम के नाम पर झांसा दिया गया था। इसके बाद प्लेसमेंट एजेंसी ने उसे एक लाख रुपये में शादी के लिए बेच दिया। पीड़िता के साथ लगातार शारीरिक और मानसिक अत्याचार किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है जो तस्करी में शामिल थी।
झारखंड पुलिस, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच, झारखंड भवन के अधिकारियों और ‘मिशन मुक्ति फाउंडेशन’ की टीम ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। इसी अभियान के दौरान शनिवार को नेताजी सुभाष पैलेस थाना क्षेत्र से एक अन्य नाबालिग बच्ची को भी छुड़ाया गया।
रैकेट में शामिल एक महिला तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने मानव तस्करी के इस रैकेट में शामिल एक महिला तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। इस अभियान में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो और ‘रेस्क्यू एंड रिलीफ फाउंडेशन’ के सिद्धांत घोष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

