गाजियाबाद में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप: काम छोड़ प्रदर्शन करने वालों पर कटेगा वेतन, सीएमओ ऑफिस पर नारेबाजी

News Desk
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गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी पिछले एक सप्ताह से विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

जिले में एक हजार से अधिक संविदा कर्मचारियों के प्रदर्शन से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। शनिवार को भी कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर खूब नारेबाजी की। काम बंद करके पूरे दिन धरने पर बैठे रहे है।

कर्मचारियों पर कर दी गई सख्ती

शासन के निर्देश पर अब काम बंद करके प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर सख्ती कर दी गई है। जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डा. राकेश कुमार ने बताया कि शासन के आदेश पर धरने-प्रदर्शन में शामिल होने वाले कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को चिन्हित किया जा रहा है।

मौखिक चेतावनी दी गई है कि काम बंद करके धरने में शामिल न हों। अगर फिर भी प्रदर्शन में शामिल होंगे तो संबंधित कर्मचारी का वेतन काट दिया जायेगा। प्रदर्शन से जिला अस्पताल, सीएचसी, यूपीएचसी, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

ओपीडी पंजीकरण की स्लिप बनाने का काम एनएचएम कर्मचारी करते हैं, धरने में चले जाने से स्लिप नहीं बन पा रहीं हैं। मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। छठे दिन शनिवार को भी कर्मचारी कार्य बहिष्कार करते हुए सीएमओ कार्यालय पर पहुंचे।

मांगों को लेकर शासन गंभीर नहीं

एनएचएम कर्मचारी संघ की जिला अध्यक्ष हिमानी कौशिक ने बताया कि आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशान गंभीर नहीं हैं।

संघ ने चेतावनी दी है कि समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण समेत आठ मांगों को जल्द नहीं माना गया तो 12 अक्टूबर से समस्त संविदा कर्मचारी काम बंद करके विशाल प्रदर्शन में शामिल होने के लिये लखनऊ कूच करेंगे।

कर्मचारियों की मांगों में प्रत्येक कर्मचारी का दस लाख का कैशलेस हेल्थ बीमा, मंहगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए व ग्रेच्युटी का लाभ, गैर जनपद ट्रांसफर नीति बहाल करने, अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्स कर्मियों का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन और नियमित भर्तियों में 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया जाना शामिल है।

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