गाजियाबाद में फर्जी GST फर्म गिरोह का पर्दाफाश: 12 करोड़ का टर्नओवर दिखाकर करते थे चोरी, 4 गिरफ्तार

News Desk
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गाजियाबाद: गाजियाबाद पुलिस ने फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरोह द्वारा अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी जीएसटी फर्म तैयार कर व्यापारियों को फर्जी बिल उपलब्ध कराए जाते थे. इस नेटवर्क के जरिए करीब 10 से 12 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल किया गया. जिसके बदले आरोपियों को तीन से पांच प्रतिशत कमीशन मिलने की बात सामने आई है.

आरोपियों से कई अवैध सामान और दस्तावेज बरामद

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान सचिन, कपिल चौधरी, सुनील पाल और विनीत शर्मा के रूप में हुई है. आरोपियों के कब्जे से आठ मुहरें, 11 एंड्राइड मोबाइल फोन, दो कीपैड मोबाइल, 7 चेक बुक, 17 एटीएम कार्ड, 6 सिम कार्ड, दो आधार कार्ड, वोटर कार्ड और कुल 26 दस्तावेज बरामद किए गए हैं. इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों कब्जे से एक स्विफ्ट गाड़ी भी बरामद हुई है.

फर्जी जीएसटी फर्म तैयार करने और उनके जरिए बिलिंग का खेल

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि वह कपिल चौधरी को करीब सात आठ साल से जानता है. कपिल के कहने पर वह जीएसटी के काम से जुड़ा था. पूछताछ में सामने आया है कि कपिल चौधरी फर्जी जीएसटी फर्म तैयार करने और उनके जरिए बिलिंग करने का काम काफी समय से कर रहा था. कपिल ने उसे जीएसटी के काम में लगाया और हर महीने 10 से 12 हजार रुपए की सैलरी देता था.

अवैध कारोबार से जुड़े सदस्यों को तीन से पांच प्रतिशत कमीशन

फर्जी जीएसटी फर्म तैयार कर इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचाई जाती थी. पूछताछ में सामने आया है कि फर्जी फर्मों के जरिए व्यापारियों को बिल भेजे जाते थे. इन बिलों के जरिए 10 से 12 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल किया गया. जीएसटी बिलिंग के इस अवैध कारोबार से जुड़े सदस्यों को तीन से पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था.

सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) ने दी मामले में जानकारी

सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, “गिरोह द्वारा फर्जी फर्म बनाकर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराई जाती थी. फर्जी फर्म के माध्यम से फर्जी बिलिंग की जाती थी. फर्जी बिलिंग के आधार पर जीएसटी की चोरी की जाती थी. मामले की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और किन-किन फर्मों के नाम पर फर्जी जीएसटी बिलिंग की गई है.

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