
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की तैयारी की है। हाजीपुर और सलारपुर गांवों में बिना अनुमति बनाए गए निर्माणों को चिह्नित कर उनकी सूची जारी की गई है। नोएडा प्राधिकरण ने प्रभावित जमीनों के खसरा नंबर और चौहद्दी वाला नक्शा सार्वजनिक करते हुए लोगों को इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री से बचने की सलाह दी है। प्राधिकरण के मुताबिक, चिह्नित इमारतों को पहले सील किया जाएगा और इसके बाद ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
हाजीपुर में मॉल समेत कई निर्माण चिह्नित
नोएडा प्राधिकरण ने हाजीपुर गांव में स्टर्लिंग मॉल के सामने खसरा नंबर 412 पर बने मॉल को अवैध निर्माण बताया है। प्राधिकरण के अनुसार, इस निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा।
इसके अलावा, हाजीपुर गांव जाने वाली गली नंबर-8 में खसरा नंबर 247 और 250 पर बने निर्माणों को भी अवैध श्रेणी में रखा गया है। वहीं, गली के सामने भंगेल गांव के खसरा नंबर 218 को अवैध नहीं माना गया है। हालांकि, इसके पास खसरा नंबर 217 पर स्थित व्यावसायिक संपत्ति को अवैध बताया गया है।
सलारपुर में भी अवैध इमारतों पर कार्रवाई
प्राधिकरण ने सेक्टर-107 में लोटस 300 और प्रतीक एडिफिस सोसायटी के सामने सलारपुर गांव में बने अवैध निर्माणों को भी चिह्नित किया है। इन इमारतों को पहले सील किया जाएगा और फिर ध्वस्त किया जाएगा।
प्रतीक एडिफिस सोसायटी के पीछे सलारपुर गांव के खसरा नंबर 759, 760, 762, 763 और 764 को अवैध श्रेणी में रखा गया है। बताया गया है कि ये जमीनें पहले महर्षि आश्रम के पास थीं, जहां अब छोटे बिल्डरों ने फ्लैट बना दिए हैं।
इसके साथ ही सलारपुर गांव के अन्य प्रभावित खसरा नंबरों की सूची भी जारी की गई है, ताकि संबंधित जमीनों और उन पर बने निर्माणों की पहचान की जा सके।
पहले सीलिंग, फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले संबंधित इमारतों को सील किया जाएगा और इसके बाद उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 की ओर से सार्वजनिक सूचना के साथ चौहद्दी वाला नक्शा भी जारी किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को चिह्नित जमीनों की सही पहचान करने में मदद देना है, ताकि वे ऐसी संपत्तियों की खरीद-बिक्री से बच सकें।
प्राधिकरण ने लोगों को सलाह दी है कि जमीन या संपत्ति का सौदा करने से पहले संबंधित खसरा नंबर और नक्शे की जांच कर लें। हाजीपुर और सलारपुर में चिह्नित निर्माणों पर आगे की कार्रवाई प्राधिकरण की योजना के अनुसार की जाएगी।
