अमृत सरोवर में नहाने के दौरान चार छात्रों की डूबकर हुई मौत

Rohit Kumar
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नर्वल तहसील के बगल में स्थित अमृत सरोवर में डूबने से शनिवार को चार छात्रों की मौत हो गई। चारों स्कूल की छुट्टी के बाद तालाब में नहा रहे थे। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने चारों को निकलवा कर पहले सीएचसी फिर कांशीराम अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी। डीएम ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।

तहसील से लगभग ढाई किलोमीटर दूर सेमरझाल गांव के सक्षम कुरील (15), अभय सविता (15), कृष्णा (13), दिव्यांश (14) और सक्षम का भाई सत्यम नर्वल में पढ़ाई कर रहे थे। सक्षम और अभय हाईस्कूल के छात्र थे, जबकि कृष्णा और दिव्यांश सातवीं के छात्र थे। सत्यम छठी कक्षा का छात्र है। स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे पांचों तहसील के पास स्थित अमृत सरोवर में नहाने पहुंच गए। थोड़ी देर बाद सत्यम बाहर आ गया। बाकी चार नहाते वक्त गहराई में पहुंच गए और डूबने लगे। सत्यम ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। डायल 112 को फोन करने पर पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से चारों को निकलवाया गया। उन्हें पहले नर्वल सीएचसी ले जाया गया। फिर कांशीराम अस्पताल भिजवाया गया मगर तब तक देर हो चुकी थी। एक ही गांव के चार परिवारों में मातम छा गया।

मच गई चीख-पुकार

सूचना मिलने पर चारों बच्चों के परिजन कांशीराम अस्पताल पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड और डीएम विशाख जी भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्हें हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।

अमृत सरोवर में डूबकर चार बच्चों की मौत बहुत दुखद है। अमृत सरोवरों की सुरक्षा के लिए गार्ड की भी तैनाती की गई है। यहां पर घटना कैसे और क्यों हुई, इसकी जांच कराई जाएगी, जिससे पता चलेगा कि लापरवाही कहां हुई।

विशाख जी, डीएम, कानपुर

चार बच्चों के डूबने की सूचना पर पहुंची पुलिस पहले उन्हें सीएचसी ले गई। वहां से कांशीराम अस्पताल लाए हैं। कानून व्यवस्था की मौके पर कोई समस्या नहीं है। पीड़ित परिवारों की हर सम्भव मदद कराई जाएगी।

बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर

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