Delhi News: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 4 लड़कियों समेत 6 लोग गिरफ्तार

Rohit Kumar
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नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली की बुराडी थाना पुलिस ने कमलापुर, बुराड़ी में छापा मार छह आरोपितों को पकड़ फर्जी कॉल सेंटर चलाकर नौकरी के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार लोगों में दो लड़के व चार लड़किया शामिल हैं।

लड़कियां लोगों को करती थीं फोन

लड़कियों को आरोपितों ने लोगों को फोन करने के लिए अपने यहां काम पर रखा हुआ था। आरोपित ओएलएक्स ऐप पर नौकरी का विज्ञापन निकालते थे और फिर उनका विज्ञापन देखने वालों का डाटा लेकर उनका फोन नंबर प्राप्त कर उन्हें फोन कर एचडीएफसी बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगते थे।

एक व्यक्ति से नौकरी के नाम पर दो से 25 हजार रुपये तक की ठगी करते थे। आरोपितों के पास से अपराध में प्रयुक्त 10 मोबाइल फोन, एक प्रिंटर, नोटबुक, डेबिट कार्ड और नकली पैन कार्ड बरामद हुआ है। फर्जी कॉल सेंटर में 91 सिम इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी मिली है। अभी तक दो बैंक खातों का पता चला है जिनमें ठगी का पैसा भेजा जाता था।

सिम कार्ड उपलब्ध कराने वालों की तलाश

मुख्य आरोपित यूपी के बागपत निवासी मोहित को 2018 में भी साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पीड़ितों की संख्या और ठगी गई कुल राशि का अभी पता नहीं चल पाया है। सिम कार्ड उपलब्ध कराने वालों की तलाश जारी है। मामले में आगे की पुलिस जांच जारी है और जल्द ही कई अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

उत्तरी जिले के डीसीपी मनोज कुमार मीणा ने बताया कि 15 मार्च को उत्तराखंड की एसटीएफ ने इंश्योरेंस के नाम पर साइबर ठगी के मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए बुराड़ी में छापा मारा था। गिरफ्तारी के दौरान पकडे़ गए आरोपित ने पास में चल रहें इस कॉल सेंटर के बारे में सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी तिमारपुर की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप कुमार अहलवात के नेतृत्व में एसआई जितेंद्र सिंह, एएसआई प्रमोद,हवलदार सुंदर स्वरूप, सिपाही मोहित और रानी की टीम का गठन किया।

एसआई जितेंद्र सिंह के सनशाइन अपार्टमेंट ,कमलापुर,बुराड़ी में अवैध काल सेंटर पर छापा मारा। यहां आरोपित मोहित कुमार, पुनित कुमार और वहां काम करने वाली चार लड़कियां मौजूद मिलें। लड़कियों की पहचान जीतू, पूजा, डिम्पल और आरती के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपित मोहित कुमार ने बताया कि वह गरीब लोगों से फर्जी बैंक खाते, एटीएम और फर्जी सिम कार्ड प्राप्त करता था।

पूछताछ में मोहित और पुनित ने बताया कि स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे इस अपराध में शामिल हो गए। उन्होंने पहले ऐसे अवैध काल सेंटरों में काम किया और अनुभव लिया। अनुभव हासिल करने के बाद अपना खुद का काल सेंटर स्थापित किया । वे ग्राहकों से उनके मोबाइल नंबर प्राप्त करने के लिए ओएलएक्स ऐप के माध्यम से उन्हें अनुरोध भेजते थे। फिर वे पीड़ितों को फोन करते थे, उन्हें एचडीएफसी बैंक में नौकरी के झूठे वादे करते थे, और पंजीकरण आदि के लिए पैसे की मांग करते थे।

राहुल और गौतम ने उपलब्ध कराए सिम

राहुल गौतम वे व्यक्ति थे जिन्होंने फर्जी खाता नंबर और सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। राहुल ने फर्जी अकाउंट नंबर दिए और 10 प्रतिशत कमीशन लिया। दोनो आरोपित फरार हैं।

आरोपित पुनित कुमार ने अंकित कुमार पुत्र लखमीर सिंह के नाम से फर्जी आइडी और पैन कार्ड बनाया। इन फर्जी आइडी और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर उसने एसबीआई, केनरा, पीएनबी और इंडियन बैंक, बुराड़ी शाखाओं में चार बैंक खाते खोले।

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