गाजियाबाद में ट्रेन हादसे की साजिश नाकाम, ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखकर ट्रेन पलटाने की कोशिश

News Desk
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखकर ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की साजिश का मामला सामने आया है।

लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ से समय रहते ट्रेन रोक दी गई। जिससे बड़ा रेल हादसा टल गया। रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात आरोपितों की तलाश में जुटी है।

लोको पायलट उमेश कुमार 23 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे ट्रेन चला रहे थे। तभी गुलधर के पास डाउन लाइन पर किलोमीटर 29/02 के पास हुई।

नजर ट्रैक पर रखे लोहे के टुकड़े पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल वाकी-टाकी से कंट्रोल रूम को सूचना दी। उन्होंने आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे प्वाइंट्समैन और आरपीएफ के जवानों ने ट्रैक से लोहे का टुकड़ा हटाकर लाइन को सुरक्षित किया।

अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज

इसके बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया गया। घटना की सूचना मिलने पर रेलवे अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (पथ)-द्वितीय अमित मेहरा की तहरीर पर मधुबन बापूधाम थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे ट्रैक पर बाधा उत्पन्न करने और रेल संचालन को खतरे में डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला जानबूझकर ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखे जाने का प्रतीत हो रहा है। जांच अधिकारी रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं।

आरपीएफ और पुलिस संयुक्त रूप से आसपास रहने वाले लोगों से मामले की जानकारी जुटा रही है। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

आरपीएफ की लापरवाही आई सामने : घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिस स्थान पर ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखा गया, वहां नियमित गश्त और निगरानी को लेकर लापरवाही सामने आई है।

रेलवे ने भी पूरे मामले की विभागीय जांच बैठा दी है। जिससे यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। सहायक पुलिस आयुक्त सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर है। मामला तीन दिन पुराना है।

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