विधान सभा में अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य में झड़प, सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ ने संभाली बात

Rohit Kumar
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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 23 महीने बाद सीतापुर जेल से छूटकर एक बार फिर राजनीति में सक्रिय हो गए हैं. उनके जेल से छूटने के बाद यूपी की सियासत भी गरमा गई है. वहीं अखिलेश यादव ने विधान सभा में बजट सत्र के दौरान आज़म खान का मुद्दा उठाया है.

अखिलेश ने कहा उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए यूनिवर्सिटी बनाई. उन पर जानवर चोरी जैसे मुकदमे लगाये गए, लेकिन हमें न्यायालय से मदद मिली है. अखिलेश ने कहा कि मेरी भी सरकार थी कभी दबाव बनाकर मुकदमा नहीं कराया, उन पर झूठे मुकदमे नहीं लगाना चाहिए, सिर्फ राजनीति के लिए मुक़दमे नहीं कराये जाने चाहिए.

यूपी के पूर्व सीएम ने कहा कि आप सिर्फ डराना चाहते हैं, आप अंग्रेजों की पॉलिसी डिवाइड एंड रूल चाहते हैं. वहीं इसी बीच विधान सभा में अखिलेश यादव और यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बीच जमकर बहस हुई है. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है.

ऐसे में सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को डिप्टी सीएम का सम्मान करना चाहिए. विपक्ष के नेताओं को डिप्टी सीएम को सुनना चाहिए, माहौल खराब नहीं करना चाहिए. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जो तू-तू मैं-मैं हुई हैं, इसे कार्यवाही का हिस्सा नहीं होना चाहिए. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगले 25 साल तक समाजवादी पार्टी विपक्ष में ही बैठेगी. उन्होंने कहा कि सपा नहीं चाहती थी कि केशव प्रसाद मौर्य दोबारा उप मुख्यमंत्री बने.

अखिलेश ने डिप्टी सीएम से विधानसभा में सवाल किया कि आपके जिले के मुख्यालय की सड़क किसने बनवाई बता दीजिये. इस पर केशव मौर्य ने कहा कि पिछली सपा सरकार के लोग सड़क, एक्सप्रेसवे जैसी बाते करते हैं. ऐसा लगता है जैसे इन्होंने सैफई बेच कर ये सब करवाया हो. तब अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा, ‘तुम अपने पिता जी से लाते हो ये सब बनवाने के लिए…’ इस पर विधानसभा में माहौल काफी गर्म हो गया. दोनों नेताओं के बीच तू तड़ाक भी शुरू हो गया.

जमकर हंगामे के बाद नेता सदन, मुख्यमंत्री ने खड़े होकर कहा कि नेता प्रतिपक्ष को इस तरह से नहीं बोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आप और हम सब जनता के लिए विकास करते हैं. उप-मुख्यमंत्री सही बोल रहे थे. सबको अपनी बात रखने का अधिकार है. सभी सत्ता पक्ष के सदस्यों ने एक घंटे से ज्यादा आपको शांतिपूर्ण तरीके से सुना है. सीएम ने कहा कि आप भाषा को लेकर असहमति जता सकते हैं. सदन में तू-तू, मैं-मैं नहीं होना चाहिए.

बता दें कि योगी सरकार 2.0 का यह पहला बजट सत्र है. 6 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार 26 मई को अपना बड़ा बजट पेश करेगी. बताया जा रहा है कि यह बजट 6.5 लाख करोड़ का होगा.

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