मेरठ. योगी आदित्यनाथ के दोबारा से सत्ता में आने के साथ ही माफिया और उनके करीबियों के खिलाफ रुका बुलडोजर का पहिया एक बार फिर से चलने लगा है. ताजा मामला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के फरार माफिया डॉन बदन सिंह बद्दो से जुडा है. बताया जाता है कि बदन सिंह बद्दो की शहर पर वर्षों पहले पार्क की जमीन पर एक फैक्ट्री बना ली गई थी. अब मेरठ विकास प्राधिकरण (Meerut Development Authority-MDA) ने इस अवैध फैक्ट्री पर बुलडोजर चलवा दिया है. मेरठ विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो सके. बता दें कि योगी आदित्यनाथ कई मौकों पर कह चुके हैं कि प्रदेश में माफिया और उनके करीबियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
जानकारी के अनुसार, पार्क की जमीन पर बनी फैक्ट्री रेणुगुप्ता के नाम पर है. बताया जाता है कि माफिया बदन सिंह बद्दो की शह पर सरकारी जमीन पर फैक्ट्री बना ली गई. कानूनी प्रक्रिया के बाद अब इसे ढहाने का काम चल रहा है. बदन सिं बद्दो कई मामलों में वांछित है. कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वह फिलहाल फरार है. दूसरी तरफ, सरकार उनके करीबियों की कमर तोड़ने में कोई कोर-कसर छोड़ने के मूड में नहीं है. बदन सिंह बद्दो की शह पर पार्क की जमीन कब्जा कर बनई गई अवैध फैक्ट्री पर मंगलवार को MDA का बुलडोजर चल गया. पुलिस और एमडीए की टीम ने मिलकर पार्क को कब्जा मुक्त करा दिया.
टीपी नगर का है मामला
मेरठ के थाना टीपी नगर क्षेत्र के जगन्नाथ पुरी इलाके में पार्क पर अवैध कब्जा कर लिया गया था. अतिक्रमणकारियों की हिम्मत तो देखिए कि कब्जा क बाद पार्क की जमीन पर फैक्ट्री बना दी गई थी. अब एमडीए ने इस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है. मेरठ विकास प्राधिकरण ने अवैध कब्जा को हटाकर पार्क के लिए आवंटित करोड़ों रुपये की जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया है. आपको बता दें कि बदन सिंह बद्दो 2019 में मेरठ से ही फरार हो गया था, जिसके बाद से उत्तर प्रदेश सरकार बद्दो के करीबियों पर शिकंजा कसने में लगी हुई है.
बदन सिंह बद्दो की तलाश
बदन सिंह की तलाश भी की जा रही है, लेकिन अभी तक ढाई लाख का इनामी बदन सिंह बद्दो पुलिस के हाथ नहीं लग सका है. वहीं, पुलिस बद्दो को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले करीबियों की कमर तोड़ने में लगी हुई है. सबसे पहले बद्दो का आलीशान बंगला ध्वस्त किया गया था, जिसके बाद अब बदन सिंह के शह पर कब्जा की गई पार्क की जमीन पर बनी फैक्ट्री को ध्वस्त करके पार्क को कब्जा मुक्त कराया गया है.

