32 साल पुरानी जर्जर लाइनें और 1150 करोड़ का बिल! ग्रेटर नोएडा के 7 सेक्टरों में बदबूदार पानी पीने को मजबूर निवासी

News Desk
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ग्रेटर नोएडा। शहर के सेक्टरों में लंबे समय से सप्लाई लाइन में लीकेज होने से कम प्रेशर और बदबूदार पानी आने की समस्या बनी हुई है। निवासियों का आरोप है कि 32 साल पहले सेक्टरों की बसावट के दौरान लाइन बिछाई गई थीं, जोकि अब जर्जर हो चुकी हैं।

इन 32 सालों में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सात सेक्टरों से लगभग 1150 करोड़ रुपये का पानी बिल भी वसूल लिया, लेकिन स्वच्छ और शुद्ध पानी देने के दावे पर खरा नहीं उतरा। दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। आए दिन गंदे पानी की सप्लाई से बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। आरोप है कि जिम्मेदारों से शिकायत करने पर खानापूरी कर पल्ला झाड़ लिया जाता है।

दूषित पानी से 130 लोग हो गए थे बीमार

बता दें कि जनवरी 2026 में सेक्टर अल्फा दो, डेल्टा एक और डेल्टा दो में बदबूदार व दूषित पानी के सेवन से 130 लोगों बीमार हो गए थे। उस दौरान निवासियों ने विरोध दर्ज कराया था, तब प्राधिकरण ने एक माह में लाइन बदलने का दावा किया था, लेकिन खानापूरी कर कागजों पर काम निपटा दिया।

प्लाट का क्षेत्रफल (वर्ग मीटर) प्रतिमाह बिल दर
60 प्रतिवर्ग मीटर प्लाट ₹190 प्रतिमाह
60 से 120 वर्ग मीटर ₹315 प्रतिमाह
201 से 350 वर्ग मीटर ₹942 प्रतिमाह

आए दिन सेक्टरों में लाइन लीकेज होने की समस्या बनी हुई है। आरोप है कि 32 साल पुरानी लाइन होने के कारण थोड़ा भी तेज प्रेशर होने पर लाइन लीकेज हो जाती हैं। अधिकतर लाइन नालों के पास ही निकली हैं। इसके चलते लीकेज होने पर सप्लाई में नालों का पानी आने लगता है। इसके सेवन से बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।

इन सेक्टरों में बनी हुई है समस्या

सेक्टर पी-तीन, बीटा-दो, डेल्टा- एक, दो, ओमीक्रान एक ए, अल्फा दो, गामा एक के निवासी वर्षों से कम प्रेशर में सप्लाई, आए दिन लीकेज होने की समस्या, गंदा व बदबूदार पानी आने की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

आए दिन लाइन में लीकेज की समस्या बनी रहती है। कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

– आदित्य भाटी, निवासी, पी-तीन

कम प्रेशर में पानी आने और सप्लाई में गंदा और बदबू आने की शिकायत बनी हुई है। यह समस्या करीब दो वर्षों से बनी हुई है।
– योगेंद्र भाटी, निवासी, बीटा दो

32 वर्ष पहले बिछाई गई लाइनें जर्जर हो चुकी हैं, इस कारण आए दिन लीकेज होने और सप्लाई में गंदा पानी की समस्या बनी
रहती है।
– प्रमोद भाटी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, डेल्टा एक

सप्ताह में दो से तीन बार कम प्रेशर या लाइन लीकेज होने की समस्या बनी रहती है। शिकायत करने पर खानापूरी कर दी जाती है।
– लाखन भाटी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, गामा एक

गंगाजल सप्लाई लाइन में आए दिन लीकेज होने की समस्या बनी हुई है। बिल के नाम मोटी रकम वसूली जा रही है, समाधान हो नहीं रहा है।
– योगेंद्र मावी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, ओमीक्रान एक ए

सेक्टर की पुरानी पानी सप्लाई लाइन को बदलकर जल्द नई बिछाई जाएं। पर्याप्त प्रेशर के साथ स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए।
– आलोक नागर, आरडब्ल्यूए महासचिव, डेल्टा एफ

जिन भी सेक्टरों में पानी लाइन लीकेज होने की समस्याएं आ रही हैं, उनको चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही वहां की लाइन बदले जाने का काम किया जाएगा।
-एसके सिंह, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

सेक्टर का नाम प्लाट संख्या सालाना बिल
बीटा-दो 2000 80 लाख
पी-तीन 1500 60 लाख
गामा-एक 1400 56 लाख
डेल्टा-एक 2250 90 लाख
डेल्टा-दो 1500 60 लाख
ओमीक्रान-एक ए 752 45 लाख
अल्फा-दो 2500 1 करोड़
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