
गुरुग्राम: गुरुग्राम के सेक्टर-10 इलाके में बीते बुधवार देर रात बहादुरगढ़ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और रोहित गोदारा गैंग के दो कुख्यात शूटरों के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से चली गोलीबारी में गैंग के दो सदस्य नितिन और यशपाल घायल हो गए, जिन्हें पकड़े जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह कार्रवाई हाल ही में रेवाड़ी के भटेड़ा गांव में पलवल एसटीएफ के इंस्पेक्टर अनिल छिल्लर पर हुई गोलीबारी के मामले में की गई है। दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रोहित गोदारा के लिए काम करते हैं।
मुठभेड़ कैसे हुई?
पुलिस को इनपुट मिला था कि रेवाड़ी में इंस्पेक्टर पर हमले के आरोपी गुरुग्राम के सेक्टर-10 इलाके में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर बुधवार देर रात बहादुरगढ़ एसटीएफ ने इलाके में ऑपरेशन चलाया। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली दोनों आरोपियों के पैरों में लगी, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही काबू कर लिया गया। दोनों को गुरुग्राम के सेक्टर-10 के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से दो पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
रेवाड़ी में पहले हुई थी फायरिंग, इंस्पेक्टर घायल
इस मुठभेड़ से कुछ घंटे पहले ही बुधवार अलसुबह रेवाड़ी के भटेड़ा गांव में पलवल एसटीएफ और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस ने गांव में पहले से घेराबंदी कर रखी थी, लेकिन बदमाशों ने खुद को घिरा देख अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें इंस्पेक्टर अनिल छिल्लर घायल हो गए। उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
एसटीएफ के मुताबिक, पकड़े गए शूटर नितिन और यशपाल पर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में पहले से कई आपराधिक केस दर्ज हैं। वे लंबे समय से रोहित गोदारा गैंग के लिए काम कर रहे थे।
रोहित गोदारा, जो फिलहाल कनाडा से अपनी गैंग को ऑपरेट कर रहा है, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी बताया जाता है। पुलिस अब इन आरोपियों की अपराध कुंडली खंगाल रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
