ग्रेटर कैलाश में सौरभ दास के घर के बाहर हंगामे का आरोप, सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात

News Desk
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दक्षिणी दिल्ली। काॅकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरभ दास ने बुधवार को कुछ कथित यूट्यूबर व इंटरनेट मीडिया हैंडलर के खिलाफ ग्रेटर कैलाश-एक थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की थी।

उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए घर के पास सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। हालांकि बृहस्पतिवार शाम तक दक्षिणी जिला पुलिस की ओर से किसी प्रकार की कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

पुलिस के मुताबिक शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घर में एक रसोइया और एक केयरटेकर

सूत्रों के मुताबिक जीके-एक स्थित आलीशान घर किसी व्यवसायी का है, जो फिलहाल आस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। सौरभ दास सामान्य मिडिल क्लास फैमिली से हैं। इस 9,000 वर्ग फीट के आलीशान मकान के ग्राउंड फ्लोर का किराया लगभग एक लाख रुपये प्रति माह बताया जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। घर में एक रसोइया और देखभाल के लिए एक केयरटेकर भी है।

विदेशी फंडिंग की आशंका

सामान्य परिवार से होने के बाद भी एक लाख महीना किराया और दो स्टाफ के खर्च को लेकर इंटरनेट मीडिया पर बहस छिड़ी है। विदेशी फंडिंग की आशंका को देखते हुए लोग जांच की भी मांग कर रहे हैं।

इधर, सौरभ दास ने बुधवार को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पिछले कुछ दिनों से कई लोग खुद को यूट्यूबर, पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर बताकर उनके ग्रेटर कैलाश स्थित आवास के बाहर एकत्र हो रहे हैं और बिना अनुमति परिसर में प्रवेश कर वीडियो व फोटो बना रहे हैं।

बोले- मेरी सुरक्षा को गंभीर खतरा

सौरभ दास के मुताबिक, इन वीडियो में उनके घर का सटीक पता, लेआउट और सुरक्षा व्यवस्था तक सार्वजनिक कर दी गई, जिससे उनके और उनके परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि असामाजिक तत्व इस जानकारी का दुरुपयोग कर सकते हैं। शिकायत में कहा गया है कि यह कोई अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि इंटरनेट मीडिया के माध्यम से चलाया जा रहा एक समन्वित अभियान है।

आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

इसका उद्देश्य उनकी निजता का उल्लंघन करना, सार्वजनिक रूप से उपहास का पात्र बनाना, लगातार उत्पीड़न करना और भय का माहौल बनाना है। उन्होंने बीएनएस की धारा 329 (गृह-अतिक्रमण), 351 (आपराधिक धमकी) और 356 (मानहानि) सहित अन्य लागू धाराओं में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने एवं उनके परिवार और आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।

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