पेड़ों के कटने से पक्षियों की मौत के मामले में प्रशासन सख्‍त, वायरल वीडियो के बाद 3 गिरफ्तार; जानें पूरा मामला

Rohit Kumar
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मलप्पुरम. केरल में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सड़क विकास कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई में कईं पक्षियों की मौत के कुछ दिनों बाद, वन विभाग की सामाजिक वानिकी शाखा ने राजमार्गों पर उन पेड़ों को चिह्नित करने के लिए एक सर्वेक्षण शुरू किया जिनमें पक्षियों के घोंसले हैं. इन पेड़ों की कटाई के परिणामस्वरूप कईं पक्षियों के मारे जाने का एक वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई हुई. मुख्य वन संरक्षक (पलक्कड) के. विजयानंद ने ”पीटीआई-भाषा” को बताया कि पेड़ों की कटाई 31 अगस्त को मलप्पुरम जिले में राजमार्ग के किनारे थिरुरंगडी के पास वीके पाडी में हुई थी.

विजयानंद ने कहा, ”इस सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.” वन अधिकारियों ने कटाई करने व पेड़ को गिराने वाले औज़ारों को जब्त कर लिया है. उन्होंने कहा, ”सामाजिक वानिकी शाखा ने राजमार्गों पर पेड़ों की पहचान करना और उन्हें चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जिन्हें पक्षियों के घोंसले और बसने के लिए बनाए रखने की आवश्यकता है.” वन विभाग को मौके से 23 मृत पक्षी और उनके चूजे मिले. बता दें कि पक्षियों के बच्चों के मरने का ये दुखद वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ घंटों में ही वायरल हो गया और हर तरफ बस इसी दुखद घटना की चर्चा होने लगी.

वहीं इस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री मुहम्मद रियास ने भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण से रिपोर्ट भी मांगी है. ये घटना बीते गुरुवार की है. वायरल हुए वीडियो में एक बड़े से इमली के पेड़ को बिना सोचे-समझे काटे जाने से पक्षियों की मौत हो गई. जैसे ही पेड़ को जेसीबी से गिराया जाता है, वैसे ही सारे पक्षी भी पेड़ से गिरने लगते हैं. कुछ तो पक्षी अपनी जान बचा लेते हैं. लेकिन कई पक्षी पेड़ के साथ ही जमीन पर पटकनी खाकर मर जाते हैं.

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