छुट्टी के दिन बैठक में नहीं पहुंचे 50 अफसर-कर्मचारी, नोएडा प्राधिकरण ने जारी किया नोटिस

News Desk
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नोएडा। साप्ताहिक अवकाश के दिन सिविल विभाग की बैठक में अनुपस्थित रहने वाले वर्क सर्किल 6 से 10 तक के लगभग 50 अधिकारियों और कर्मचारियों को महाप्रबंधक द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे 3 दिन के भीतर नोटिस का जवाब मांगा गया है।

बताया कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यह बैठक रक्षा बंधन के अगले दिन शनिवार को आयोजित की जानी थी।

कारण बताओ नोटिस

सोमवार से महाप्रबंधक सिविल एके अरोड़ा की ओर जारी कारण बताओ नोटिस का गोपनीय पत्र जब मिलना शुरू हुआ तो प्राधिकरण कार्यालय में बखेड़ा खड़ा होना शुरू हो गया है। नोटिस को लेकर प्राधिकरण में लगातार विवाद उत्पन्न होने लगा है।

वहीं, नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा है कि यदि साप्ताहिक अवकाश के दिन उन्हें कार्यालय बुलाना था, तो महाप्रबंधक को सीईओ से अनुमति लेकर कार्मिक विभाग से आदेश पत्र जारी कराना चाहिए था।

उधर, वॉटसएप ग्रुप पर बैठक की सूचना जारी कर बुलाना उचित नहीं था, क्योंकि रक्षा बंधन के अवसर पर पारिवारिक व्यस्तता के कारण वे वॉटसएप ग्रुप नहीं देख सके।

फटकार लगाकर चेतावनी देनी चाहिए

उन्होंने यह भी कहा कि महाप्रबंधक को मौखिक डाट फटकार लगाकर चेतावनी देनी चाहिए थी, लेकिन लिखित में कारण बताओ नोटिस जारी करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया है कि शाम छह बजे के बाद सरकारी कर्मचारी को फोन उठाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

महाप्रबंधक एके अरोड़ा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक अवकाश पर शहर से बाहर जाने के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कहा है कि वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और अवर अभियंता (संविदा) बिना अनुमति के छुट्टियों और साप्ताहिक अवकाश में मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे। अब साप्ताहिक अवकाश पर भी शहर से बाहर जाने के लिए पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना सूचना के मुख्यालय छोड़ने पर कार्रवाई का प्रविधान है।

बैठक का मकसद जन स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था, जिसमें स्कूलों का नवीनीकरण, ग्राम विकास कार्यों की स्थिति, पोटहोल्स की मरम्मत, जलजमाव की समस्या, कल्वर्ट, पेंटिंग, अतिक्रमण पर नियंत्रण और आइजीआरएस शिकायतों का निस्तारण शामिल था। जन स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की समयबद्ध समीक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इस घटना के बाद प्राधिकरण में ड्यूटी और उपलब्धता संबंधी नियमों को और सख्त किया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे छुट्टियों में भी आपात स्थिति या आधिकारिक बैठकों के लिए उपलब्ध रहें। – एके अरोड़ा, महाप्रबंधक सिविल, नोएडा प्राधिकरण

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