
कनावनी। ग्राम कनावनी के किसानों का अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को लगातार 40 वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि उनका उद्देश्य स्पष्ट है और वे अपनी मांगों के समाधान तक पूरी मजबूती के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
किसानों की प्रमुख मांग खसरा-खतौनी एवं राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम बहाल किए जाने की है किसानों का कहना है कि जब तक राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम बहाल नहीं किए जाते, तब तक धरना समाप्त करने का सवाल ही नहीं उठता किसानों ने कहा कि उन्हें जितने दिन भी धरना स्थल पर बैठना पड़े, वे इसके लिए तैयार हैं।
किसानों ने कहा कि माननीय न्यायालय द्वारा प्रशासन के लिए निर्धारित समय-सीमा समाप्त हुए भी करीब एक माह बीत चुका है इसके बावजूद प्रशासन द्वारा किसानों के नाम राजस्व अभिलेखों में बहाल करने के बजाय भूमि का मुआवजा तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है किसानों का आरोप है कि इस तरह न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा और आदेशों का अपेक्षित रूप से पालन नहीं किया जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए किसानों के नाम खसरा-खतौनी एवं राजस्व अभिलेखों में बहाल किए जाएं और मुआवजा बनाने की प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए
किसानों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर देने के लिए तैयार नहीं हैं और अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही किसानों ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा
किसान परवीन नागर और अशोक कसाना ने बताया कि आसपास के गांवों और किसान भाइयों का लगातार समर्थन मिल रहा है। इस समर्थन से किसानों का मनोबल मजबूत हुआ है और वे मजबूत तरीके से अपनी मांगों को आगे भी उठाते रहेंगे।
किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि उनकी शांतिपूर्ण एकजुटता को कमजोरी समझने की भूल न की जाए प्रशासन को किसानों की मांगों पर स्पष्ट जवाब देते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए किसानों ने कहा कि वे किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे और अपने अधिकारों की मांग को मजबूती से उठाते रहेंगे।
धरना स्थल पर उपस्थित किसान:
सुखबीर सिंह नागर,चतर सिंह नागर मथन सिंह नागर, कबूल सिंह नागर, लिखीराम शर्मा, श्रीचंद नागर, सतीश नागर, विनोद नागर ,परवीन नागर , पृथ्वीराज कसाना, विजय नागर, अशोक कसाना,देवेंद्र नागर, कुलदीप अधाना आदि
