कौन होगा पाकिस्तान का अगला आर्मी चीफ? इन नामों पर चल रही है चर्चा, जल्द फैसला ले सकती है शरीफ सरकार

Rohit Kumar
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान में इन दिनों नए सेना प्रमुख को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि इसपर भारत की भी नजर बनी हुई है. इसी क्रम में मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को सेना प्रमुख (COAS) सहित सेना में महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर चर्चा करने के लिए दो महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की. शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, नामों को 24 नवंबर तक अंतिम रूप दिया जाएगा. क्योंकि आगामी 29 नवंबर को  जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा.

इन तीन नामों पर चल रही है चर्चा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर, नौमन महमूद और अजहर अब्बास सेना प्रमुख के मुख्य दावेदार माने जा रहे हैं. आसिम मुनीर सबसे सीनियर हैं. अब्बास को पाकिस्तानी सेना में भारत का विशेषज्ञ माना जाता है, जबकि नौमान महमूद बलूच रेजिमेंट से ताल्लुक रखते हैं और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष हैं. शरीफ ने जनरल कमर जावेद बाजवा और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक सहित शीर्ष सैन्य नेताओं से मुलाकात की.

रक्षा मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ की बैठक
वहीं रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ एक और बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रधानमंत्री के विशेष सहायक मलिक अहमद खान और वित्त मंत्री इशाक डार भी मौजूद थे. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि विचार-विमर्श के बाद पीएम नए सेना प्रमुख का चयन करेंगे. सेना प्रमुख की नियुक्ति देश की राजनीति, विशेषकर विदेश और रक्षा नीतियों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण शक्ति रखती है.

इमरान खान को रक्षा मंत्री ने दी थी चेतावनी
इस बीच, रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता और पूर्व पीएम इमरान खान को चेतावनी दी थी कि नए सेना प्रमुख के चुने जाने के बाद सरकार उनसे निपट लेगी. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तान नेशनल असेंबली में यह टिप्पणी की.

इमरान खान चाहते हैं जल्द हो चुनाव
News18 ने पहले खबर दी थी कि इमरान खान की पीटीआई देश में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता को देखते हुए देश में जल्द चुनाव की तारीख की घोषणा चाहती है. समय पूर्व चुनाव की तारीख की घोषणा अगर सरकार मान जाती है, तो पीटीआई चुनावी ढांचे पर बातचीत के लिए संसद में फिर से शामिल होने को तैयार होगी.

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