एमसीडी स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: AAP पार्षदों ने अवैध निर्माण और पीजी का मुद्दा उठाया, विपक्ष ने दिए कड़े निर्देश

News Desk
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के स्थायी समिति सदस्यों ने एमसीडी मुख्यालय में गुरुवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में अवैध निर्माण, अवैध तरीके से संचालित पीजी, सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और सौंदर्यीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए. आप पार्षदों ने आरोप लगाया कि एमसीडी में नियमों की अनदेखी और अव्यवस्था का खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है. उनका कहना था कि शहर के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर आम निवासियों को परेशान किया जा रहा है.

AAP पार्षदों ने उठाए अवैध निर्माण, PG के मुद्दे

बैठक में एमसीडी नेता नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने मांग रखी कि जनहित से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए. उन्होंने अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे पीजी के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. इसके साथ ही दिल्ली में सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

आप पार्षदों ने कहा कि स्थायी समिति की बैठकों में जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा. अवैध निर्माण और पीजी से जुड़े मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ दिल्लीवासियों को बेहतर सफाई, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की जिम्मेदारी है.

नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में आज जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई और विभिन्न प्रस्ताव पारित किए गए. बैठक में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और सुझाव रखे. स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए.

बैठक में सफाई व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों की कमी, अवैध प्ले स्कूल, सड़कों पर अतिक्रमण, बेसहारा पशु, पार्कों के रखरखाव और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामले प्रमुखता से उठाए गए. अध्यक्ष ने सभी जोन के उपायुक्तों को निर्देश दिए कि पार्षदों द्वारा उठाए गए स्थानीय समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर जोन स्तर पर ही समाधान कराया जाए. सत्या शर्मा ने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं को स्थायी समिति तक लाने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जोन स्तर पर उठाए गए जनहित के मामलों के अनावश्यक रूप से लंबित रहने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.

जर्जर इमारतों का कराया जाएगा सर्वे

बैठक में सभी जोन के उपायुक्तों को जर्जर और असुरक्षित इमारतों का सर्वे कराने के निर्देश भी दिए गए. ऐसी इमारतों की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और आवश्यकता के अनुसार नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही न हो.

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